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...तो अस्पताल में दर्ज होगी मरीजों की केस हिस्ट्री

Thu, 01 Mar 2018 10:16 PM IST
Updated Thu, 01 Mar 2018 10:16 PM IST
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...तो अस्पताल में दर्ज होगी मरीजों की केस हिस्ट्री

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चंपावत।
चंपावत जिले के दो अस्पतालों सहित प्रदेश के 40 सरकारी अस्पतालों में पहली मार्च से डिजिटल पर्ची शुरू हो गई है। इस पर्ची के जरिये अस्पताल में मरीजों की बीमारी का ब्यौरा रखने में आसानी होगी। इस पर्ची से मरीज के रोग, जांच और इलाज आदि का ब्यौरा डॉक्टर के साथ अस्पताल के संबंधित विभाग के पास भी उपलब्ध होगा।

चंपावत जिले में जिला अस्पताल के अलावा टनकपुर के संयुक्त अस्पताल में डिजिटल पर्ची बनाने की शुरुआत हो गई है। डिजिटल पर्ची मरीज के अलावा डॉक्टर तथा डिस्पेंसरी में भी सुरक्षित रहेगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा ने बताया कि इस डिजिटल पर्ची के जरिए मरीज का रोग व इलाज से संबंधित समग्र ब्यौरा रख पाना मुमकिन होगा। ऑनलाइन होने पर अस्पताल में मरीज को मिल रहे उपचार की जानकारी मिल सकेगी। डिजिटल पर्ची से मरीजों के पंजीयन, रिकार्ड को देखने व सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। मरीजों के जांच रिकार्ड व पर्चे गुम होने की सूरत में दुबारा जांच करवाने के झंझट से भी निजात मिलेगी।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि डिजिटल पर्ची से मरीज की संपूर्ण केस हिस्ट्री मिल जाएगी। उसी अस्पताल में दुबारा इलाज कराने पर पंजीकरण नंबर भी पुराना वाला रहेगा। पूर्व में मरीज से संबंधित जानकारी का ब्यौरा होने से उपचार में आसानी होगी। डिजिटल पर्ची डॉक्टर के पास होने से मरीजों की संख्या को लेकर भी किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम से लेकर मरीज की पैथोलोजी या अन्य तरह की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध रहेगी।
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ऑनलाइन होने पर रोगों की श्रेणी की भी जानकारी हो सकेगी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.एमएस बोहरा का कहना है कि डिजिटल पर्ची के बाद ये पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने पर रोगों की अलग श्रेणी मुमकिन है। डिजिटल पर्ची में पूरा ब्यौरा होने पर मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप सहित विभिन्न रोगों के मरीजों की जानकारी रहेगी। इससे अस्पतालों में रोग की प्रवृत्ति की जानकारी के साथ इलाज की सुविधाओं को भी बेहतर किया जा सकेगा। ऑनलाइन होने पर स्वास्थ्य निदेशालय से लेकर शासन और मुख्यमंत्री तक इलाज की तत्काल समीक्षा कर सुधार किया जाना आसान होगा।
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