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राहत:रोडवेज को मिले 36 टायर
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:33 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड परिवहन निगम के लोहाघाट डिपो में टायरों का इंतजार खत्म हो गया है। टायरों के अभाव में डिपो में खड़ी बसों के लिए टायर मिल गए हैं। 36 नए टायर आने से रोडवेज कार्यशाला में खड़ी 11 बसें फिर से सड़कों पर दौड़ने लगी हैं। बंद बस सेवा शुरू होने से लोगों को राहत भी मिलने लगी है।
रोडवेज के लोहाघाट डिपो में टायरों की भारी कमी थी। यहां तक कि इसका असर निगम की स्थायी बस सेवाओं पर भी पड़ने लगा था। 24 नवंबर से बसों के कार्यशाला में खड़े होने का सिलसिला शुरू हो गया था। टायर न होने डिपो की कुल 11 बसें खड़ी थी। करीब डेढ़ माह तक धारचूला-दिल्ली, लोहाघाट-दिल्ली, लोहाघाट-बरेली, लोहाघाट-काशीपुर की कुल 11 बसें संचालित नहीं हो सकी थी। बसों का संचालन नहीं होने से रोडवेज को करीब 25 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
लोहाघाट डिपो के फोरमैन दीपक सिंह ने बताया कि डिपो को 36 नए टायर मिल गए है। इससे बंद पड़ी बस सेवाएं भी शुरू हो गई है। परिवहन निगम अधिकारियों ने बताया कि डिपो को और नए टायर मिलने की उम्मीद है।
रोडवेज के लोहाघाट डिपो में टायरों की भारी कमी थी। यहां तक कि इसका असर निगम की स्थायी बस सेवाओं पर भी पड़ने लगा था। 24 नवंबर से बसों के कार्यशाला में खड़े होने का सिलसिला शुरू हो गया था। टायर न होने डिपो की कुल 11 बसें खड़ी थी। करीब डेढ़ माह तक धारचूला-दिल्ली, लोहाघाट-दिल्ली, लोहाघाट-बरेली, लोहाघाट-काशीपुर की कुल 11 बसें संचालित नहीं हो सकी थी। बसों का संचालन नहीं होने से रोडवेज को करीब 25 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
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लोहाघाट डिपो के फोरमैन दीपक सिंह ने बताया कि डिपो को 36 नए टायर मिल गए है। इससे बंद पड़ी बस सेवाएं भी शुरू हो गई है। परिवहन निगम अधिकारियों ने बताया कि डिपो को और नए टायर मिलने की उम्मीद है।
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