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महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:05 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के आगर गांव में पेयजल का हाहाकार मचा है। ग्रामीण चार-पांच किमी दूर से वाहनों और सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं। परेशान महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। उन्होंने गांव में पेयजल आपूर्ति शीघ्र सुचारु न होने पर डीएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
पूर्व ग्राम प्रधान पार्वती खोलिया के नेतृत्व में रविवार को महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आई। उन्होंने कहा कि करीब पांच माह से गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। गांव के लिए बनाई गई खकोड़ा पेयजल योजना से नाममात्र का पानी आ रहा है। इससे कुछ परिवारों की ही जरूरत पूरी हो पा रही है।
आगर, चौड़ासा, चाक गांवों के करीब 120 से अधिक परिवार चार किमी दूर तल्ली छंदा, हैंडपंप और नौलों-धारों से पानी ढोकर प्यास बुझा रहे हैं। उनका कहना है कि योजना के तहत जीआईसी, शिशुमंदिर, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र में लगे सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट भी सूखे पड़े हैं। आगर में सड़क के ऊपर लगा एकमात्र हैंडपंप अत्यधिक दबाव के कारण कभी-कभी रुक जाता है। महिलाओं का कहना है कि मरोड़ाखान-लमताल सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा करीब पांच माह पहले खर्क जलस्रोत को मिट्टी से पाट दिया है। प्रदर्शन करने वालों में माधवी देवी, लक्ष्मी, शांति देवी, सुनीता, सीमा, बबीता, विमला, पूजा, भावना, मोती, सरिता, हयात राम आदि शामिल थे।
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समस्या की वजह का पता लगाया जा रहा है। संबंधित क्षेत्र के जेई को गांव में भेजकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक कुमार, ईई जल संस्थान लोहाघाट।
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पूर्व ग्राम प्रधान पार्वती खोलिया के नेतृत्व में रविवार को महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आई। उन्होंने कहा कि करीब पांच माह से गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। गांव के लिए बनाई गई खकोड़ा पेयजल योजना से नाममात्र का पानी आ रहा है। इससे कुछ परिवारों की ही जरूरत पूरी हो पा रही है।
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आगर, चौड़ासा, चाक गांवों के करीब 120 से अधिक परिवार चार किमी दूर तल्ली छंदा, हैंडपंप और नौलों-धारों से पानी ढोकर प्यास बुझा रहे हैं। उनका कहना है कि योजना के तहत जीआईसी, शिशुमंदिर, अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र में लगे सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट भी सूखे पड़े हैं। आगर में सड़क के ऊपर लगा एकमात्र हैंडपंप अत्यधिक दबाव के कारण कभी-कभी रुक जाता है। महिलाओं का कहना है कि मरोड़ाखान-लमताल सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा करीब पांच माह पहले खर्क जलस्रोत को मिट्टी से पाट दिया है। प्रदर्शन करने वालों में माधवी देवी, लक्ष्मी, शांति देवी, सुनीता, सीमा, बबीता, विमला, पूजा, भावना, मोती, सरिता, हयात राम आदि शामिल थे।
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समस्या की वजह का पता लगाया जा रहा है। संबंधित क्षेत्र के जेई को गांव में भेजकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। -अशोक कुमार, ईई जल संस्थान लोहाघाट।