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स्वरोजगार के लिए सरलता से ऋण वितरित करें बैंक
Updated Thu, 11 Jan 2018 10:33 PM IST
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चंपावत। डीएम डॉ.अहमद इकबाल ने बैंकर्स और अधिकारियों की बैठक में कहा कि आजीविका से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए बैंक बेरोजगार युवकों, महिला समूहों आदि को सरलता से ऋण वितरण करें। जिससे कुछ हद तक पलायन रुक सके। उन्होंने उन योजनाओं को प्रमुखता प्रदान करने के निर्देश दिए जिन योजनाओं से काश्तकार सीधे जुड़ सकें।
उन्होंने जिले में होने वाले उत्पादों की श्रेणी व प्राथमिकता तय करने और मुख्य व्यवसाय कर रहे काश्तकारों के उत्पादित क्षेत्र का विस्तार करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित शहद, मशरूम, आलू, हल्दी, अदरक के साथ गडेरी, मिर्च, लाल धान को भी ब्रांडेड के रूप में प्रस्तुत करें जिससे काश्तकार उत्पादन में रुचि लें।
उन्होंने जनपद में 10 हजार किसानों के केसीसी से और केवल चार हजार किसानों के ही बैंक से जुड़े होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उद्यान विभाग को मॉडल नर्सरी विकसित कर उससे किसानों को जोड़ने के निर्देश भी दिए। कहाकि बैंकों के 409 करोड़ के ऋण वितरण के लक्ष्य में केवल 10 प्रतिशत ऋण काश्तकार पोल्ट्री, मौनपालन, कृषि, उद्योग, मत्स्य, बकरी, दुग्ध, मशरूम, आलू, अदरक, हल्दी के लिए ले रहे हैं जो नगण्य है। उन्होंने संबंधित विभागों को उत्पादों का रकबा बढ़ाने और काश्तकारों को इन उत्पादों से जोड़कर ब्रांडेड के रूप में प्रचारित कर बाजार में उतारने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बैठक में प्रभारी अधिकारी अनिल गर्ब्याल, सीडीओ एसएस बिष्ट, पीडी एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, दुग्ध, सहकारिता, पशुपालन आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
उन्होंने जिले में होने वाले उत्पादों की श्रेणी व प्राथमिकता तय करने और मुख्य व्यवसाय कर रहे काश्तकारों के उत्पादित क्षेत्र का विस्तार करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित शहद, मशरूम, आलू, हल्दी, अदरक के साथ गडेरी, मिर्च, लाल धान को भी ब्रांडेड के रूप में प्रस्तुत करें जिससे काश्तकार उत्पादन में रुचि लें।
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उन्होंने जनपद में 10 हजार किसानों के केसीसी से और केवल चार हजार किसानों के ही बैंक से जुड़े होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उद्यान विभाग को मॉडल नर्सरी विकसित कर उससे किसानों को जोड़ने के निर्देश भी दिए। कहाकि बैंकों के 409 करोड़ के ऋण वितरण के लक्ष्य में केवल 10 प्रतिशत ऋण काश्तकार पोल्ट्री, मौनपालन, कृषि, उद्योग, मत्स्य, बकरी, दुग्ध, मशरूम, आलू, अदरक, हल्दी के लिए ले रहे हैं जो नगण्य है। उन्होंने संबंधित विभागों को उत्पादों का रकबा बढ़ाने और काश्तकारों को इन उत्पादों से जोड़कर ब्रांडेड के रूप में प्रचारित कर बाजार में उतारने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। बैठक में प्रभारी अधिकारी अनिल गर्ब्याल, सीडीओ एसएस बिष्ट, पीडी एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, दुग्ध, सहकारिता, पशुपालन आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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