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बीआरपी, सीआरपी पदों की काउसिलिंग स्थगित होने से रोष
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:50 PM IST
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चंपावत। सर्व शिक्षा अभियान के तहत ब्लॉक संसाधन समन्वयक (बीआरपी) और न्याय पंचायत समन्वयक (सीआरपी) पदों के लिए सोमवार को बुलाई गई काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है, जिसको लेकर जिले भर से पहुंचे शिक्षकों ने शिक्षाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सत्यनारायण के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। उनका कहना था कि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने और 10 अंक का अधिभार दिए जाने के बाद भी उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में शिक्षकों ने कहा कि सरकार बीआरपी और सीआरपी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने में हीलाहवाली कर रही है। कुछ सीआरसी और बीआरसी मेरिट में स्थान न बना पाने के कारण बार-बार नियुक्ति प्रक्रिया में व्यवधान डाल रहे हैं।
काउंसलिंग की तिथि तय होने के बाद भी नियुक्तियां नहीं हो रही हैं, जबकि उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्देश के बाद 26 सितंबर 2017 को उत्तराखंड के सभी जिलों में काउंसलिंग की विज्ञप्ति जारी की गई थी। प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में पान सिंह, धर्मेंद्र पाल, गंगाधर आर्य, सूरज प्रकाश जोशी, जीवन कलौनी, राज नारायण सिंह समेत कई शिक्षक शामिल रहे।
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उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सत्यनारायण के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। उनका कहना था कि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने और 10 अंक का अधिभार दिए जाने के बाद भी उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रदर्शन के बाद हुई सभा में शिक्षकों ने कहा कि सरकार बीआरपी और सीआरपी परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने में हीलाहवाली कर रही है। कुछ सीआरसी और बीआरसी मेरिट में स्थान न बना पाने के कारण बार-बार नियुक्ति प्रक्रिया में व्यवधान डाल रहे हैं।
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काउंसलिंग की तिथि तय होने के बाद भी नियुक्तियां नहीं हो रही हैं, जबकि उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्देश के बाद 26 सितंबर 2017 को उत्तराखंड के सभी जिलों में काउंसलिंग की विज्ञप्ति जारी की गई थी। प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने वालों में पान सिंह, धर्मेंद्र पाल, गंगाधर आर्य, सूरज प्रकाश जोशी, जीवन कलौनी, राज नारायण सिंह समेत कई शिक्षक शामिल रहे।
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