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बीच रास्ते में पांच घंटे फंसे रहे रोडवेज बस के 43 यात्री
Mon, 15 Apr 2019 10:43 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 15 Apr 2019 10:43 PM IST
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चंपावत से 10 किमी दूर बनलेख के पास रोडवेज बस खराब होने से परेशान यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर से पिथौरागढ़ जा रही रोडवेज बस के 43 यात्रियों को सोमवार को पांच घंटे से अधिक वक्त तक परेशानी झेलनी पड़ी। पिथौरागढ़ डिपो की रोडवेज बस में आई खराबी से मुसाफिर चंपावत से दस किलोमीटर पूर्व बनलेख में फंसे रहे। बस की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हुई। उन्हें किराया वापस पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मुसाफिरों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर नाराजगी जताई।
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टनकपुर से पिथौरागढ़ जा रही रोडवेज बस (यूके 07पीए/1933) सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे चंपावत से दस किमी दूर बनलेख में खराब हो गई। खामी को दूर करने का चालक और परिचालक ने प्रयास किया लेकिन काफी मशक्कत के बाद बस की खामी दूर नहीं हो सकी। बस की स्टैप्नी के पंक्चर होने के साथ ही बस में पाना आदि औजार भी नहीं थे। यात्रियों के लिए आगे के सफर का कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किया गया।
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यात्रियों को किराये की रकम को पाने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी। चालक प्रयाग सिंह और परिचालक बिजेंद्र पाल ने बताया कि बस में कुल 43 यात्री थे। करीब पांच घंटे बाद 12.30 बजे यात्रियों को किराया वापस मिल सका। रमेश सिंह रावत, फोरमैन, परिवहन निगम, पिथौरागढ़ ने बताया रोडवेज बस में क्या खामी थी इसका पता लगाया जा रहा है। बस की स्टैपनी का पंक्चर होना और टायर को खोलने वाले उपकरण नहीं होना गंभीर विषय है। लोहाघाट डिपो से भी मदद मांगी गई थी। पूरे मामले की पड़ताल कर जरूरी कार्यवाही की जाएगी।
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रोडवेज ने नहीं किया वैकल्पिक इंतजाम
खराब बस के यात्रियों को पिथौरागढ़ से आगे जाना था। इसके लिए उन्हें दूसरे वाहन लेने थे। यात्री शुभम सिंह, सुरेश, धनु प्रसाद, श्याम का कहना है कि उन्होंने बस के परिचालक से दूसरी बस में बिठाने के लिए कई बार गुजारिश की लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। किराया भी तब वापस किया गया जब यात्रियों ने काफी हल्ला मचाया। यात्रियों ने कहा कि रोडवेज की खराब बस सेवा न केवल लोगों के लिए मुसीबत बन रही है, बल्कि कभी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
15 दिन में तीन बार मंझधार में छोड़ चुकी रोडवेज बस
रोडवेज बसों का बीच मंझधार में छोड़ने का सिलसिला जारी है। अप्रैल महीने में यह तीसरा मौका है जब बस ने मुसाफिरों को बीच रास्ते में छोड़ा है। 6 अप्रैल को चंपावत में खटकना पुल के पास पिथौरागढ़ जा रही एक बस खराब होकर दो दिन तक खड़ी रही थी। 12 अप्रैल को चुनाव ड्यूटी करने के बाद ठुलीगाड़ के एसएसबी के 22 जवानों को लेकर जा रही रोडवेज बस का पीजी कॉलेज के पास गियर बॉक्स खराब हो गया था।