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मंच उप तहसील भवन को तेज हुई जमीन की कवायद
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:29 PM IST
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चंपावत। पटवारी चौकी में खुली मंच के उप तहसील भवन के लिए जमीन खोजने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम ने मंच में अस्पताल के पास की भूमि का मुआयना किया।
राजस्व निरीक्षक विनोद वर्मा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मंगलवार को मंच में अस्पताल के नजदीक की भूमि का मुआयना किया। इससे पूर्व दुबड़जैनल में भी जमीन देखी गई। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि दोनों स्थानों में से जो जगह अधिक उपयुक्त होगी, वहां की जमीन का प्रस्ताव तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। जमीन का मुआयना करने वाली टीम में राजस्व उप निरीक्षक हरीश राम, अनिल कुमार और नीरज शामिल थेे।
उप तहसील खुलने के एक महीने बाद ही लगा दिया ताला
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए दिसंबर 2016 में खोली गई मंच उप तहसील में महज एक महीने बाद यानी जनवरी 2017 में ही ताला लगा दिया गया। स्टाफ और नेटवर्क न होने के चलते तहसील से एक भी प्रमाण पत्र नहीं बन सका।
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राजस्व से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए 35 किमी दूर चंपावत की दौड़ लगाने से मुक्ति दिलाने को मंच में उप तहसील बनाई गई थी। इसमें 14 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था मगर डेढ़ साल से भी ज्यादा समय से उप तहसील बंद पड़ी है। न तो वहां नायब तहसीलदार की तैनाती की गई न किसी अन्य कर्मी की।
खतौनी की नकल, आधार कार्ड, स्थायी निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज बनाने के लिए ग्रामीणों को आज भी चंपावत तहसील ही जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान पूजा महर, शेर सिंह महर, राहुल सिंह, जोत सिंह, बची सिंह, पूरन सिंह, दीवान सिंह आदि कई बार उप तहसील के संचालन की मांग कर चुके हैं पर कोई नतीजा नहीं निकल सका। उप तहसील को खोलने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है।
मंच क्षेत्र में इंटरनेट नेटवर्क कमजोर होने के साथ ही स्टाफ की कमी के चलते उप तहसील का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में शासन से पत्राचार कर मोबाइल कनेक्टिविटी और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करने का आग्रह किया जा रहा है।
- सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम, चंपावत।
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राजस्व निरीक्षक विनोद वर्मा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने मंगलवार को मंच में अस्पताल के नजदीक की भूमि का मुआयना किया। इससे पूर्व दुबड़जैनल में भी जमीन देखी गई। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि दोनों स्थानों में से जो जगह अधिक उपयुक्त होगी, वहां की जमीन का प्रस्ताव तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। जमीन का मुआयना करने वाली टीम में राजस्व उप निरीक्षक हरीश राम, अनिल कुमार और नीरज शामिल थेे।
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उप तहसील खुलने के एक महीने बाद ही लगा दिया ताला
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए दिसंबर 2016 में खोली गई मंच उप तहसील में महज एक महीने बाद यानी जनवरी 2017 में ही ताला लगा दिया गया। स्टाफ और नेटवर्क न होने के चलते तहसील से एक भी प्रमाण पत्र नहीं बन सका।
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राजस्व से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए 35 किमी दूर चंपावत की दौड़ लगाने से मुक्ति दिलाने को मंच में उप तहसील बनाई गई थी। इसमें 14 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था मगर डेढ़ साल से भी ज्यादा समय से उप तहसील बंद पड़ी है। न तो वहां नायब तहसीलदार की तैनाती की गई न किसी अन्य कर्मी की।
खतौनी की नकल, आधार कार्ड, स्थायी निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज बनाने के लिए ग्रामीणों को आज भी चंपावत तहसील ही जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान पूजा महर, शेर सिंह महर, राहुल सिंह, जोत सिंह, बची सिंह, पूरन सिंह, दीवान सिंह आदि कई बार उप तहसील के संचालन की मांग कर चुके हैं पर कोई नतीजा नहीं निकल सका। उप तहसील को खोलने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया है।
मंच क्षेत्र में इंटरनेट नेटवर्क कमजोर होने के साथ ही स्टाफ की कमी के चलते उप तहसील का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में शासन से पत्राचार कर मोबाइल कनेक्टिविटी और पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती करने का आग्रह किया जा रहा है।
- सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम, चंपावत।