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टायर न होने से 26 बसों के पहिये थमे
ब्यूरो/ अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Fri, 05 May 2017 10:58 PM IST
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परिवहन निगम में टायरों का संकट खत्म नहीं हो रहा है। निगम के टनकपुर रीजन के दो डिपो में 26 बसों के पहिये थमे हुए हैं। इसका असर न सिर्फ निगम की आय पर पड़ रहा है, बल्कि इससे यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रीजन से निगम मुख्यालय को दो सौ टायरों की मांग की गई है, लेकिन प्लांटों में उत्पादन शुरू होने के बाद भी टायर नहीं आ पाए हैं।
बेहतर प्रबंधन न होने से राज्य में परिवहन निगम की बस सेवा लंबे से लड़खड़ाई हुई है। टनकपुर रीजन में निगम की 18 बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी है, जो परिवहन निगम के वर्कशॉपों में खड़ी हैं। इनमें 17 बसें टनकपुर डिपो की और एक बस लोहाघाट डिपो की है। इस बीच रीजन में 26 बसें टायर न होने से खड़ी हो गई हैं। इनमें 20 बसें पिथौरागढ़ डिपो की और छह बसें लोहाघाट डिपो की हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले देहरादून और काठगोदाम प्लांट में निर्माण सामग्री की आपूर्ति न होने से टायरों का उत्पादन ठप हो गया था। निर्माण सामग्री मिलने के बाद अब उत्पादन तो शुरू हो गया है, लेकिन अन्य रीजनों की मांग पूरी करने के फेर में टनकपुर रीजन की मांग लटकी है। मंडलीय प्रबंधक लेखराज सिंह पांगती का कहना है कि निगम के प्लांट में टायरों का उत्पादन शुरू हो गया है।
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जल्द ही टायरों की समस्या दूर होगी। उन्होंने बताया कि निगम मुख्यालय से दो सौ टायरों की मांग की गई है। देहरादून प्लांट से 90 टायर मंजूर हुए हैं, जिन्हें लेने के लिए गाड़ी भेजी गई है। काठगोदाम प्लांट से भी एक सप्ताह के अंदर 50 टायर मिलने की उम्मीद है।
बेहतर प्रबंधन न होने से राज्य में परिवहन निगम की बस सेवा लंबे से लड़खड़ाई हुई है। टनकपुर रीजन में निगम की 18 बसें अपनी मियाद पूरी कर चुकी है, जो परिवहन निगम के वर्कशॉपों में खड़ी हैं। इनमें 17 बसें टनकपुर डिपो की और एक बस लोहाघाट डिपो की है। इस बीच रीजन में 26 बसें टायर न होने से खड़ी हो गई हैं। इनमें 20 बसें पिथौरागढ़ डिपो की और छह बसें लोहाघाट डिपो की हैं।
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बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले देहरादून और काठगोदाम प्लांट में निर्माण सामग्री की आपूर्ति न होने से टायरों का उत्पादन ठप हो गया था। निर्माण सामग्री मिलने के बाद अब उत्पादन तो शुरू हो गया है, लेकिन अन्य रीजनों की मांग पूरी करने के फेर में टनकपुर रीजन की मांग लटकी है। मंडलीय प्रबंधक लेखराज सिंह पांगती का कहना है कि निगम के प्लांट में टायरों का उत्पादन शुरू हो गया है।
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जल्द ही टायरों की समस्या दूर होगी। उन्होंने बताया कि निगम मुख्यालय से दो सौ टायरों की मांग की गई है। देहरादून प्लांट से 90 टायर मंजूर हुए हैं, जिन्हें लेने के लिए गाड़ी भेजी गई है। काठगोदाम प्लांट से भी एक सप्ताह के अंदर 50 टायर मिलने की उम्मीद है।