{"_id":"5acf98b74f1c1b513e8b4dc6","slug":"21523554487-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कामयाबी:साइबर ठगी के शिकार प्रधानाचार्य की रकम लौटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कामयाबी:साइबर ठगी के शिकार प्रधानाचार्य की रकम लौटी
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। आमतौर पर साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की रकम वापस नहीं आती। मगर यहां एक व्यक्ति के 49999 रुपये की रकम 30 दिन बाद वापस मिल गई। सर्विलांस के जरिये आरोपी तक पहुंचने के बाद आरोपी ने इस रकम को छह किस्तों में वापस किया।
लोहाघाट के ओकलैंड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र पांडेय के भारतीय स्टेट बैंक खाते से 10 मार्च को एक अनजान फोन के जरिये एटीएम का पासवर्ड हासिल कर साइबर ठगों ने 49999 रुपये निकाल लिए थे। प्रधानाचार्य ने तत्काल साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। चंपावत के पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने खाते से रकम निकालने वाले स्थान का पता लगा कर संबंधित थाने के पुलिस से संपर्क साधा। सर्विलांस के जरिये यह रकम झारखंड के गिरहिड जिले से निकालने का पता चला। चंपावत से एक टीम गिरहिड भेजी गई।
विज्ञापन
गिरहिड से निकाली रकम की वापसी के लिए बैंक और सीसीटीवी का सहारा लिया गया। पुलिस द्वारा बनाए गए दबाव के बाद आरोपी रकम वापस करने को मजबूर हुआ। प्रधानाचार्य रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि यह रकम छह किस्त में खाते में आई। 3 अप्रैल को पांच-पांच हजार रुपये की पांच किस्तें यानी 25 हजार रुपये आए। और फिर 9 अप्रैल को शेष 24999 रुपये को खाते में स्थानांतरित हुए। एसपी ने साइबर सेल की टीम को इस कामयाबी के लिए एक हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया है।
विज्ञापन
झारखंड पहुंची पुलिस की साइबर टीम
चंपावत। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि जिले के साइबर अपराधों की विवेचना के लिए चंपावत पुलिस की टीम इन दिनों झारखंड राज्य के गिरिडीह जिले में पहुंची है। जो साइबर अपराध में लिप्त अपराधी को पकडने के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहुंची है।