{"_id":"5a63739b4f1c1b72268b5818","slug":"21516467099-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीपीएस से क्षेत्र का मानचित्र बनाने की विधि सिखाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीपीएस से क्षेत्र का मानचित्र बनाने की विधि सिखाई
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। वनकर्मियों को शनिवार को जीपीएस (ग्लोबल पोजिशन सिस्टम) से क्षेत्र का मानचित्र बनाने और वनों का क्षेत्रफल निकालने की विधि सिखाई गई। रेंज कार्यालय परिसर में आयोजित एक दिनी कौशल विकास कार्यशाला में वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी ने उपस्थित कर्मचारियों को जीपीएस, रिल पद्धति से लीसा विदोहन, भूक्षरण, अग्नि सुरक्षा आदि विषयों की जानकारी दी।
वन क्षेत्राधिकारी काली कुमाऊं हेम चंद्र गहतोड़ी ने जीपीएस से मानचित्र बनाने के साथ ही वनों का क्षेत्रफल निकालने की जानकारी दी गई। इस दौरान वनों में अग्रिकाल के दौरान अग्रि सुरक्षा के उपायों की जानकारियां दी गई। कार्यशाला में वन दरोगा चतुर सिंह, वन रक्षक यशोद सिंह बिष्ट, हरीश चंद्र सिंह नयाल आदि ने भी विचार रखे। कार्यशाला में चंपावत रेंज के सभी कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
वन क्षेत्राधिकारी काली कुमाऊं हेम चंद्र गहतोड़ी ने जीपीएस से मानचित्र बनाने के साथ ही वनों का क्षेत्रफल निकालने की जानकारी दी गई। इस दौरान वनों में अग्रिकाल के दौरान अग्रि सुरक्षा के उपायों की जानकारियां दी गई। कार्यशाला में वन दरोगा चतुर सिंह, वन रक्षक यशोद सिंह बिष्ट, हरीश चंद्र सिंह नयाल आदि ने भी विचार रखे। कार्यशाला में चंपावत रेंज के सभी कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
विज्ञापन