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पर्यटकों के लिए बनेगी स्मार्ट पार्किंग
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चंपावत। चंपावत पर्यटक आवास गृह (टीआरएच) परिसर और पर्यटन कार्यालय की खाली पड़ी जमीन पर पर्यटकों के लिए स्मार्ट पार्किंग और कांफ्रेंसिंग हाल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने दो माह पूर्व प्रदेश शासन को प्रस्ताव भेजा है।
स्मार्ट पार्किंग की सारी व्यवस्थाएं डिजिटल होंगी। टीआरएच परिसर में बनने वाले कांफ्रेंस हाल का उपयोग बैठक और गोष्ठियों के अलावा विवाह समारोह आदि के लिए भी हो सकेगा। इसी हाल के ऊपरी मंजिल में 15 कारों की क्षमता वाली स्मार्ट पार्किंग बनाई जाएगी।
चंपावत में पार्किंग नहीं होने से दूरदराज के पर्यटकों को सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ता है। इसके साथ ही टीआरएच गेट से 300 मीटर तक पैदल चलने वालों के लिए रास्ता (वॉकिंग पाथ वे) बनाया जाएगा।
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लता बिष्ट, जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि पर्यटन आवास गृह में खाली पड़ी जमीन पर कांफ्रेंस हाल और स्मार्ट पार्किंग बनाने के लिए दो माह पूर्व प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इनके बनने से शहर में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी।
उत्पादों की बिक्री को समूहों के लिए बनेंगी दुकानें
टीआरएच से गोरलचौड़ गेट तक खाली पड़े स्थानों पर स्थानीय उत्पाद में मडुवा, चौलाई, शॉल, मोजे, ऊनी वस्त्र, वुडक्राफ्ट की आठ दुकानें भी बनाई जाएंगी।
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स्मार्ट पार्किंग की सारी व्यवस्थाएं डिजिटल होंगी। टीआरएच परिसर में बनने वाले कांफ्रेंस हाल का उपयोग बैठक और गोष्ठियों के अलावा विवाह समारोह आदि के लिए भी हो सकेगा। इसी हाल के ऊपरी मंजिल में 15 कारों की क्षमता वाली स्मार्ट पार्किंग बनाई जाएगी।
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चंपावत में पार्किंग नहीं होने से दूरदराज के पर्यटकों को सड़क किनारे वाहन खड़ा करना पड़ता है। इसके साथ ही टीआरएच गेट से 300 मीटर तक पैदल चलने वालों के लिए रास्ता (वॉकिंग पाथ वे) बनाया जाएगा।
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लता बिष्ट, जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि पर्यटन आवास गृह में खाली पड़ी जमीन पर कांफ्रेंस हाल और स्मार्ट पार्किंग बनाने के लिए दो माह पूर्व प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। इनके बनने से शहर में सैलानियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकेंगी।
उत्पादों की बिक्री को समूहों के लिए बनेंगी दुकानें
टीआरएच से गोरलचौड़ गेट तक खाली पड़े स्थानों पर स्थानीय उत्पाद में मडुवा, चौलाई, शॉल, मोजे, ऊनी वस्त्र, वुडक्राफ्ट की आठ दुकानें भी बनाई जाएंगी।