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...जब से हमें आजादी मिली, अंग्रेजी हुई आजाद
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:29 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। आर्य साहित्य चेतना परिषद ने हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी आयोजित कर हिंदी को सच्ची राष्ट्रभाषा बनाने का संकल्प जताया। दयानंद इंटर कॉलेज सभागार में परिषद के अध्यक्ष कांतिबल्लभ जोशी की अध्यक्षता एवं नीरज सिंह के संचालन में आयोजित गोष्ठी में रचनाकारों ने मुख्य अतिथि जनकवि जय चंद्र प्रसाद मनुज को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
गोष्ठी का शुभारंभ रिटायर्ड प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र लोहनी ने अपनी रचना सुनाकर किया। रचनाकार कांतिबल्लभ जोशी ने कहा, जब से मिली आजादी हमें, अंग्रेजी हुई आजाद, हिंदी के पखवाड़ों में व्यवस्था खो गई आज। मनीष पांडेय ने कहा, हिंदी मेरा अभिमान, हिंदी का उपयोग करो, हिंदी हमारी जान है। इसके अलावा विमला बोरा, जयचंद्र प्रसाद मनुज, मेघा रावत, अमित चौड़ाकोटी, भुवन उप्रेती, प्रियांशी पाल, हृदय नारायण श्रीवास्तव, डा. देवी दत्त जोशी, किशोर बिष्ट, रामदेव आर्य, नीरज सिंह ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
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गोष्ठी का शुभारंभ रिटायर्ड प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र लोहनी ने अपनी रचना सुनाकर किया। रचनाकार कांतिबल्लभ जोशी ने कहा, जब से मिली आजादी हमें, अंग्रेजी हुई आजाद, हिंदी के पखवाड़ों में व्यवस्था खो गई आज। मनीष पांडेय ने कहा, हिंदी मेरा अभिमान, हिंदी का उपयोग करो, हिंदी हमारी जान है। इसके अलावा विमला बोरा, जयचंद्र प्रसाद मनुज, मेघा रावत, अमित चौड़ाकोटी, भुवन उप्रेती, प्रियांशी पाल, हृदय नारायण श्रीवास्तव, डा. देवी दत्त जोशी, किशोर बिष्ट, रामदेव आर्य, नीरज सिंह ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
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