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अनदेखी से नाराज हैं शिक्षा विभाग के कर्मी
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:44 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड राज्य चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ (शिक्षा विभाग) ने मांगों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। रविवार को यहां शाखा पुस्तकालय संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश सिंह मेहता की अध्यक्षता और जनपदीय मंत्री केशर सिंह फर्त्याल के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अगर अनदेखी जारी रही, तो कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस दौरान बेड़ीनाग में होने वाले मंडलीय अधिवेशन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
संगठन ने कहा कि योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति, 26 साल सेवा करने के बाद 4200 रुपये का ग्रेड वेतन देने, शासनादेशानुसार शीत कालीन वर्दी देने, उपार्जित व चिकित्सा अवकाश प्रधानाचार्य के स्वीकृत करने आदि की मांगें लंबे समय की जा रही हैं, लेकिन सरकार द्वारा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों की सरासर अनदेखी की जा रही है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की रूपरेखा तय करने की बात कही गई।
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जिलाध्यक्ष मेहता ने कर्मचारियों से सात और आठ जून को जीआईसी बेड़ीनाग में होने वाले मंडलीय अधिवेशन में भाग लेने की अपील की। बैठक में दयाल सिंह ढेक, मदनलाल वर्मा, प्रेमबल्लभ जोशी, खीमानंद जोशी, मोहन सिंह, नवीन चंद्र, गोविंद बल्लभ ओली, सुरेश लाल, प्रदीप कुमार, घनश्याम भट्ट, मकर सिंह बोहरा, भुवनेेश्वरी भट्ट, पार्वती देवी, भुवन चंद्र जोशी, रतन राम, नारायण राम आदि मौजूद थे।
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