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अब तक 700 लोगों ने पंजीकरण कराया
Updated Tue, 09 Jan 2018 09:49 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर के संयुक्त अस्पताल में 13 जनवरी से तीन दिवसीय निशुल्क मर्म चिकित्सा शिविर को लेकर आम लोगों का उत्साह देखने लायक है।
इलाज के लिए अब तक करीब 700 लोगों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण कराने वालों में 15 साल के किशोर से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग तक हैं। पंजीकरण अभी तीन दिन तक और होंगे। आयोजन में डीएम डॉ. अहमद इकबाल के निर्देश पर चंपावत जिला प्रशासन भी सहयोग कर रहा है।
पिथौरागढ़ में पिछले साल एक अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक बेहद सफल निशुल्क मर्म चिकित्सा शिविर के बाद अब इस माह टनकपुर में तीन दिनी शिविर संचालित किया जा रहा है। मैदानी क्षेत्र में पहली बार लग रहे मर्म चिकित्सा शिविर को लेकर नागरिकों में काफी उत्साह है।
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शिविर में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ ऋषिकुल आयुर्वेद विश्वविद्यालय हरिद्वार के निदेशक प्रो. डॉ. सुनील कुमार जोशी मरीजों का इलाज करेंगे। शिविर को सफल बनाने में टनकपुर आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी डॉ. मोहम्मद शाहिद, डॉ. जेबी चंद, राजीव आर्य सहित कई लोग जुटे हैं।
इन रोगों पर कारगर है मर्म चिकित्सा
मर्म चिकित्सा से कमर से नीचे के अंगों का पक्षाघात, कमर में चोट लगने से होने वाला लकवा, हाथ-पांव के टेढ़े होना, घुटनों का खराब होना, गर्दन की जकड़न, माइग्रेन, कान में आवाज गूंजना, दमा, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, वृद्धावस्था के रोग, हिचकी आना आदि में यह चिकित्सा पद्धति काफी लाभकारी है।
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इलाज के लिए अब तक करीब 700 लोगों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण कराने वालों में 15 साल के किशोर से लेकर 90 वर्ष के बुजुर्ग तक हैं। पंजीकरण अभी तीन दिन तक और होंगे। आयोजन में डीएम डॉ. अहमद इकबाल के निर्देश पर चंपावत जिला प्रशासन भी सहयोग कर रहा है।
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पिथौरागढ़ में पिछले साल एक अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक बेहद सफल निशुल्क मर्म चिकित्सा शिविर के बाद अब इस माह टनकपुर में तीन दिनी शिविर संचालित किया जा रहा है। मैदानी क्षेत्र में पहली बार लग रहे मर्म चिकित्सा शिविर को लेकर नागरिकों में काफी उत्साह है।
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शिविर में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मर्म चिकित्सा विशेषज्ञ ऋषिकुल आयुर्वेद विश्वविद्यालय हरिद्वार के निदेशक प्रो. डॉ. सुनील कुमार जोशी मरीजों का इलाज करेंगे। शिविर को सफल बनाने में टनकपुर आयुर्वेदिक अस्पताल के प्रभारी डॉ. मोहम्मद शाहिद, डॉ. जेबी चंद, राजीव आर्य सहित कई लोग जुटे हैं।
इन रोगों पर कारगर है मर्म चिकित्सा
मर्म चिकित्सा से कमर से नीचे के अंगों का पक्षाघात, कमर में चोट लगने से होने वाला लकवा, हाथ-पांव के टेढ़े होना, घुटनों का खराब होना, गर्दन की जकड़न, माइग्रेन, कान में आवाज गूंजना, दमा, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, वृद्धावस्था के रोग, हिचकी आना आदि में यह चिकित्सा पद्धति काफी लाभकारी है।