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चंतोला में तीन दिन से पानी की सप्लाई बंद, ग्रामीण परेशान
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चंपावत। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर ग्रामीण क्षेत्र चंतोला में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। पीने के पानी को लेकर ग्रामीणों को डेढ़ किमी दूर जाना पड़ रहा है। उसके बावजूद भी ग्रामीणों को 20 से 25 लीटर पानी ही मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र चंतोला, कसान, बनलेख के लिए नूनचूला गधेरे से पेयजल लाइन बनाई गई है। पानी के लिए स्टोक टैंक चंतोला में बनाया गया है।
वर्तमान में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से स्टोक टैंक तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गर्मियों के समय अक्सर पानी की समस्या शुरू हो जाती है। ग्रामीण दीपक जोशी ने बताया कि तीन दिन से पानी नहीं आने से ग्रामीणों में डेढ़ की दूर द्वारलेख से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत होने से ग्रामीणों को लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। ग्रामीण खीमानंद, अंबादत्त, नवीन भट्ट, जयदत्त आदि ने बताया कि गांवों में आजकल बरात का सीजन चल रहा है। पानी नहीं होने से लोगों को दूरदराज से पानी ढोकर संकलित करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइन की देखरेख करने वाला कोई नहीं होने से ग्रामीणों को ही लाइन ठीक करनी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र चंतोला, कसान, बनलेख के लिए नूनचूला गधेरे से पेयजल लाइन बनाई गई है। पानी के लिए स्टोक टैंक चंतोला में बनाया गया है।
वर्तमान में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से स्टोक टैंक तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गर्मियों के समय अक्सर पानी की समस्या शुरू हो जाती है। ग्रामीण दीपक जोशी ने बताया कि तीन दिन से पानी नहीं आने से ग्रामीणों में डेढ़ की दूर द्वारलेख से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत होने से ग्रामीणों को लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। ग्रामीण खीमानंद, अंबादत्त, नवीन भट्ट, जयदत्त आदि ने बताया कि गांवों में आजकल बरात का सीजन चल रहा है। पानी नहीं होने से लोगों को दूरदराज से पानी ढोकर संकलित करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल लाइन की देखरेख करने वाला कोई नहीं होने से ग्रामीणों को ही लाइन ठीक करनी पड़ रही है।
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