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लोक शिक्षा केंद्रों के प्रेरकों ने उठाई समायोजन की मांग
Updated Wed, 22 Nov 2017 11:14 PM IST
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चंपावत। साक्षर भारत मिशन कार्यक्रम के तहत लोक शिक्षा केंद्रों में तैनात प्रेरकों ने राज्य सरकार में समायोजन की मांग उठाई है। इस संबंध में साक्षरता प्रेरकों की ओर से विधायक कैलाश गहतोड़ी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम लोक शिक्षा केंद्रों में उनकी नियुक्ति शिक्षा प्रेरक के रूप में वर्ष 2009-10 में हुई थी। उन्हें निरक्षर लोगों को साक्षर करने की जो जिम्मेदारी दी गई उसे उन्होंने बखूबी पूरा किया।
इसके अलावा बाल गणना, बीएलओ कार्य तथा प्राथमिक स्कूलों में शिक्षण कार्य करने के साथ ही जन-धन खाता खुलवाने के कार्य में सहयोग भी किया। कहा कि प्रेरकों को महज तीन हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिलता है, लेकिन वह भी कभी समय से नहीं मिला। वर्तमान में प्रेरकों को मई 2016 से सितंबर 2017 तक 17 माह का मानदेय नहीं मिला है। कहा गया है कि पूर्व में मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षा प्रेरकों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन की समय सीमा निर्धारित की थी, लेकिन उस समय सीमा को बीते हुए काफी समय हो गया है। ज्ञापन देने वालों में संजय चौड़ाकोटी, पूजा चौड़ाकोटी, किरन देवी, अनीता, फकीर सिंह, मीना देवी, गीता देवी, मंजू देवी आदि शिक्षा प्रेरक शामिल हैं।
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इसके अलावा बाल गणना, बीएलओ कार्य तथा प्राथमिक स्कूलों में शिक्षण कार्य करने के साथ ही जन-धन खाता खुलवाने के कार्य में सहयोग भी किया। कहा कि प्रेरकों को महज तीन हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय मिलता है, लेकिन वह भी कभी समय से नहीं मिला। वर्तमान में प्रेरकों को मई 2016 से सितंबर 2017 तक 17 माह का मानदेय नहीं मिला है। कहा गया है कि पूर्व में मुख्यमंत्री की ओर से शिक्षा प्रेरकों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन की समय सीमा निर्धारित की थी, लेकिन उस समय सीमा को बीते हुए काफी समय हो गया है। ज्ञापन देने वालों में संजय चौड़ाकोटी, पूजा चौड़ाकोटी, किरन देवी, अनीता, फकीर सिंह, मीना देवी, गीता देवी, मंजू देवी आदि शिक्षा प्रेरक शामिल हैं।
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