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आपदा के दौरान टूटी पेयजल लाइनों की जल्द होगी मरम्मत
Updated Fri, 16 Nov 2018 10:55 PM IST
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चंपावत। जिले में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की जल्द मरम्मत होगी। इसके लिए जल संस्थान ने 11.36 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर दिया है। पेयजल लाइनें टूटने से ग्रामीणों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है।
जल संस्थान ने सभी पेयजल योजनाओं को काम चलाऊ बनाया है। जिले में आपदा के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की आठ पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें अधिकांश पेयजल लाइन ग्रामीण क्षेत्र की हैं। जल संस्थान को सभी टूटी हुई पेयजल लाइनों की मरम्मत को सैद्धातिक स्वीकृति मिल चुकी है।
बजट मिलते सभी पेयजल लाइनों का मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। दैवी आपदा में चंपावत में एक, बाराकोट में एक, पाटी में दो और लोहाघाट में चार पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई थी।
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इन ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत। दैवीय आपदा में लोहाघाट की पीजी कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्रिक, लोहाघाट, चौड़ी पेयजल योजना, मझपीपल पेयजल योजना, मछियाड़ पेयजल योजना पाटी, थापलागूंठ पाटी, चौमेल और चंपावत की नीड़ तल्ली पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी।
दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए 11.36 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर लिया है। धनराशि मिलते ही सभी पेयजल योजनाओं को ठीक करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- आरके वर्मा, सहायक अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।
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जल संस्थान ने सभी पेयजल योजनाओं को काम चलाऊ बनाया है। जिले में आपदा के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की आठ पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें अधिकांश पेयजल लाइन ग्रामीण क्षेत्र की हैं। जल संस्थान को सभी टूटी हुई पेयजल लाइनों की मरम्मत को सैद्धातिक स्वीकृति मिल चुकी है।
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बजट मिलते सभी पेयजल लाइनों का मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। दैवी आपदा में चंपावत में एक, बाराकोट में एक, पाटी में दो और लोहाघाट में चार पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई थी।
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इन ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या हुई क्षतिग्रस्त
चंपावत। दैवीय आपदा में लोहाघाट की पीजी कॉलेज, राजकीय पॉलीटेक्रिक, लोहाघाट, चौड़ी पेयजल योजना, मझपीपल पेयजल योजना, मछियाड़ पेयजल योजना पाटी, थापलागूंठ पाटी, चौमेल और चंपावत की नीड़ तल्ली पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी।
दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए 11.36 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर लिया है। धनराशि मिलते ही सभी पेयजल योजनाओं को ठीक करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- आरके वर्मा, सहायक अभियंता, जल संस्थान, चंपावत।