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लगातार हो रही बरसात ने बिगाड़ा साग सब्जियों का स्वाद
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:24 PM IST
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चंपावत। चंपावत जिले में जुलाई और अगस्त माह में लगातार हुई भारी बरसात के कारण स्थानीय स्तर पर उत्पादित की जाने वाली सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हो गया है। कुछ स्थानों में मौसमी सब्जियां उत्पादित हो भी रही हैं तो उनका स्वाद बिगड़ गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात के मौसम में शिमला मिर्च, मूली, बैगन, भिंडी, टमाटर, पत्तागोभी, हरी मिर्च आदि का व्यापक उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष अधिक बरसात होने के कारण मौसमी सब्जियों के अलावा लौकी, ककड़ी, तुरई, करेले, कद्दू आदि सब्जियों की बढ़त प्रभावित हो गई है। पिछले सालों तक अगस्त-सितंबर माह में बाजारों में स्थानीय लौकी, ककड़ी आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहती थी। लेकिन इस बार इन दिनों स्थानीय सब्जियों का अभाव नजर आ रहा है।
प्रगतिशील काश्तकार विजय सिंह बताते हैं कि वह हर साल दस हजार रुपये से अधिक की ककड़ी और लौकी स्थानीय बाजार में बेचा करते थे, लेकिन इस बार लगातार बारिश जारी रहने के कारण उत्पादन प्रभावित हो गया है। बाजार में बेचने के बजाए इस बार अपने खाने के लिए भी लौकी और ककड़ियों का अभाव हो गया है। उद्यान विशेषज्ञ बीपी जोशी के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण स्थानीय सब्जियों का उत्पादन अवश्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि कुछ स्थानों में सब्जियों का उत्पादन ठीक ठाक भी हो रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात के मौसम में शिमला मिर्च, मूली, बैगन, भिंडी, टमाटर, पत्तागोभी, हरी मिर्च आदि का व्यापक उत्पादन होता है। लेकिन इस वर्ष अधिक बरसात होने के कारण मौसमी सब्जियों के अलावा लौकी, ककड़ी, तुरई, करेले, कद्दू आदि सब्जियों की बढ़त प्रभावित हो गई है। पिछले सालों तक अगस्त-सितंबर माह में बाजारों में स्थानीय लौकी, ककड़ी आदि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध रहती थी। लेकिन इस बार इन दिनों स्थानीय सब्जियों का अभाव नजर आ रहा है।
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प्रगतिशील काश्तकार विजय सिंह बताते हैं कि वह हर साल दस हजार रुपये से अधिक की ककड़ी और लौकी स्थानीय बाजार में बेचा करते थे, लेकिन इस बार लगातार बारिश जारी रहने के कारण उत्पादन प्रभावित हो गया है। बाजार में बेचने के बजाए इस बार अपने खाने के लिए भी लौकी और ककड़ियों का अभाव हो गया है। उद्यान विशेषज्ञ बीपी जोशी के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण स्थानीय सब्जियों का उत्पादन अवश्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि कुछ स्थानों में सब्जियों का उत्पादन ठीक ठाक भी हो रहा है।
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