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अद्र्ध सैनिक बलों के जवानों को भी मिले शहीद का दर्जा
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:04 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय में पहली बाद पैरा मिलिट्री फोर्सेज (अर्द्ध सैनिक बलों) के पूर्व सैनिकों का मंडल स्तरीय सम्मेलन हुआ। इसमें एसएसबी, आईटीबीपी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आसाम रायफल्स आदि अर्द्ध सैनिक बलों के पूर्व जवानों ने शिरकत की।
सम्मेलन में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों से पहुंचे पूर्व अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिनिधियों ने संगठन की मजबूती पर बल दिया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ के पूर्व उप महानिरीक्षक बालम सिंह नेगी और कुमाऊं मंडल प्रभारी पूर्व डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह नेगी आदि ने पैरा मिलिट्री फोर्सेज के सैनिकों को भी थल सैनिकों की तरह सुविधाएं दिए जाने पर जोर दिया गया। साथ ही पूर्व अर्द्ध सैनिक कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाई गई।
वक्ताओं का कहना था कि पैरा मिलिट्री फोर्सेज के जवान सीमा की सुरक्षा से लेकर संसद की सुरक्षा के कार्य में पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सीमा पर अपने प्राणों की कुर्बानी देने वाले अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व सैनिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। इस मौके पर सीएस मर्तोलिया, रमेश उप्रेती, एलएस मेहता, डीएस बोहरा, जगदीश सिंह अधिकारी, नरेंद्र सिंह लडवाल, आरपी ओली, आरसी पांडेय, नारायण राम टम्टा, केएन वर्मा, हयात सिंह, त्रिभुवन कुलेठा, मोहन सिंह माहरा, लक्ष्मीदत्त नरियाल आदि ने विचार रखे।
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सम्मेलन में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों से पहुंचे पूर्व अर्द्ध सैनिक बलों के प्रतिनिधियों ने संगठन की मजबूती पर बल दिया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि सीआरपीएफ के पूर्व उप महानिरीक्षक बालम सिंह नेगी और कुमाऊं मंडल प्रभारी पूर्व डिप्टी कमांडेंट मनोहर सिंह नेगी आदि ने पैरा मिलिट्री फोर्सेज के सैनिकों को भी थल सैनिकों की तरह सुविधाएं दिए जाने पर जोर दिया गया। साथ ही पूर्व अर्द्ध सैनिक कल्याण बोर्ड के गठन की मांग उठाई गई।
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वक्ताओं का कहना था कि पैरा मिलिट्री फोर्सेज के जवान सीमा की सुरक्षा से लेकर संसद की सुरक्षा के कार्य में पूरे मनोयोग से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सीमा पर अपने प्राणों की कुर्बानी देने वाले अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों को शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता है। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व सैनिकों ने अपनी-अपनी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। इस मौके पर सीएस मर्तोलिया, रमेश उप्रेती, एलएस मेहता, डीएस बोहरा, जगदीश सिंह अधिकारी, नरेंद्र सिंह लडवाल, आरपी ओली, आरसी पांडेय, नारायण राम टम्टा, केएन वर्मा, हयात सिंह, त्रिभुवन कुलेठा, मोहन सिंह माहरा, लक्ष्मीदत्त नरियाल आदि ने विचार रखे।
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