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यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को क्षतिपूर्ति की धनराशि देने का आदेश
Updated Thu, 01 Feb 2018 11:08 PM IST
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चंपावत। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने वाद व्यय और हर्जे खर्चे संबंधी एक मामले की सुनवाई करते हुए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को क्षतिपूर्ति धनराशि देने का आदेश सुनाया है। इंश्योरेंस कंपनी को एक माह के भीतर परिवादी को धनराशि देने के आदेश दिए गए हैं, ऐसा न किए जाने पर कंपनी को नौ प्रतिशत ब्याज सहित क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होगा।
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार छह जून 2012 को टनकपुर निवासी अंकुर ओली का ट्रक वाहन संख्या यूके 03-0223 लोहाघाट से टनकपुर जाने के दौरान सूखीढांग के समीप टिफनटॉप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाहन का बीमा होने के कारण वाहन स्वामी ने इसकी जानकारी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दी और क्षतिपूर्ति धनराशि की मांग की। इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहकर क्षतिपूर्ति धनराशि देने से इंकार कर दिया कि वाहन की फिटनेस सही नहीं थी।
क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर अंकुर ओली ने उपभोक्ता फोरम में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ वाद दायर किया।
उसने वाहन दुर्घटना के बाद वाहन की मरम्मत में साढ़े चार लाख रुपये और वाहन को वर्कशाप तक ले जाने में 25 हजार रुपये का व्यवसाय क्षति, मानसिक कष्ट और वाद खर्च दिलवाने की अपील की थी। इस पर फोरम अध्यक्ष जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अध्यक्षता और सदस्य गिरीश चंद्र राय तथा लक्ष्मी पांडेय की मौजूदगी में हुई सुनवाई में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को वाहन क्षतिपूर्ति धनराशि दो लाख 12 हजार 31 रुपये और वाद व्यय में खर्च के लिए दस हजार रुपये एक माह के भीतर देने के आदेश दिए। कंपनी को क्षतिपूर्ति राशि का सात प्रतिशत वार्षिक व्याज भी पीड़ित को देना होगा। फोरम ने एक माह के भीतर क्षतिपूर्ति धनराशि नहीं देने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए हैं। परिवादी की ओर से भास्कर चंद्र मुरारी और इंश्योरेंस कंपनी की ओर से जीसी उप्रेती ने पैरवी की।
प्राप्त घटना विवरण के अनुसार छह जून 2012 को टनकपुर निवासी अंकुर ओली का ट्रक वाहन संख्या यूके 03-0223 लोहाघाट से टनकपुर जाने के दौरान सूखीढांग के समीप टिफनटॉप के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वाहन का बीमा होने के कारण वाहन स्वामी ने इसकी जानकारी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को दी और क्षतिपूर्ति धनराशि की मांग की। इंश्योरेंस कंपनी ने यह कहकर क्षतिपूर्ति धनराशि देने से इंकार कर दिया कि वाहन की फिटनेस सही नहीं थी।
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क्षतिपूर्ति नहीं मिलने पर अंकुर ओली ने उपभोक्ता फोरम में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ वाद दायर किया।
उसने वाहन दुर्घटना के बाद वाहन की मरम्मत में साढ़े चार लाख रुपये और वाहन को वर्कशाप तक ले जाने में 25 हजार रुपये का व्यवसाय क्षति, मानसिक कष्ट और वाद खर्च दिलवाने की अपील की थी। इस पर फोरम अध्यक्ष जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अध्यक्षता और सदस्य गिरीश चंद्र राय तथा लक्ष्मी पांडेय की मौजूदगी में हुई सुनवाई में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को वाहन क्षतिपूर्ति धनराशि दो लाख 12 हजार 31 रुपये और वाद व्यय में खर्च के लिए दस हजार रुपये एक माह के भीतर देने के आदेश दिए। कंपनी को क्षतिपूर्ति राशि का सात प्रतिशत वार्षिक व्याज भी पीड़ित को देना होगा। फोरम ने एक माह के भीतर क्षतिपूर्ति धनराशि नहीं देने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए हैं। परिवादी की ओर से भास्कर चंद्र मुरारी और इंश्योरेंस कंपनी की ओर से जीसी उप्रेती ने पैरवी की।
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