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हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए 11 किमी की दौड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 25 Dec 2016 10:21 PM IST
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धूरा
- फोटो : अमर उजाला
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सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गढ़ धूरा क्षेत्र के बच्चों के लिए आठवीं से आगे की पढ़ाई करना कठिन हो रहा है। इसके लिए यहां के छात्र-छात्रा 11 किलोमीटर दूर श्यामलाताल के राजकीय इंटर कॉलेज में जाने को मजबूर हैं। सीएम के आश्वासन के बावजूद धूरा जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण नहीं हो सका है। कई बालिकाएं आठवीं से आगे की पढ़ाई से वंचित हो रही हैं।
सरपंच स्वरूप राम सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल जून में टनकपुर के दौरे पर ग्रामीणों की मांग पर सीएम हरीश रावत ने धूरा जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण का आश्वासन दिया था। मगर करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद विद्यालय का उच्चीकरण नहीं हो सका। जबकि यहां आठवीं कक्षा में ही 20 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। स्कूल में कुल 70 छात्र हैं और तीन शिक्षक हैं।
विद्यालय के उच्चीकरण न होने से यहां के नौनिहाल अब भी आठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए 11 किलोमीटर दूर श्यामलाताल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूरी की वजह से ढेरों बालिकाएं आठवीं से आगे की पढ़ाई छोड़ने को विवश हैं। मनोहर सिंह, गोविंद बल्लभ, वासुदेव, भुवन चंद्र, कृपाल सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि उच्चीकरण न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है। उधर शिक्षा विभाग का कहना है कि फिलहाल उच्चीकरण पर कोई निर्णय नहीं हो सका है।
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सरपंच स्वरूप राम सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल जून में टनकपुर के दौरे पर ग्रामीणों की मांग पर सीएम हरीश रावत ने धूरा जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण का आश्वासन दिया था। मगर करीब डेढ़ साल बीतने के बावजूद विद्यालय का उच्चीकरण नहीं हो सका। जबकि यहां आठवीं कक्षा में ही 20 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। स्कूल में कुल 70 छात्र हैं और तीन शिक्षक हैं।
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विद्यालय के उच्चीकरण न होने से यहां के नौनिहाल अब भी आठवीं से आगे की पढ़ाई के लिए 11 किलोमीटर दूर श्यामलाताल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूरी की वजह से ढेरों बालिकाएं आठवीं से आगे की पढ़ाई छोड़ने को विवश हैं। मनोहर सिंह, गोविंद बल्लभ, वासुदेव, भुवन चंद्र, कृपाल सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि उच्चीकरण न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है। उधर शिक्षा विभाग का कहना है कि फिलहाल उच्चीकरण पर कोई निर्णय नहीं हो सका है।
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