{"_id":"693563649bdd26a6da0e86f2","slug":"women-going-to-the-forest-in-groups-karnpryag-news-c-48-kpg1001-119761-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: समूह में जंगल जा रहीं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: समूह में जंगल जा रहीं महिलाएं
Sun, 07 Dec 2025 04:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 07 Dec 2025 04:52 PM IST
विज्ञापन
फोटो-
कर्णप्रयाग। गांवों में भालुओं की दहशत के कारण महिलाएं घास लेने के लिए समूह में जंगल जा रही हैं। जनपद के पोखरी, कर्णप्रयाग, थराली, नारायणबगड़ आदि ब्लॉकों के ग्रामीण इलाकों में आए दिन भालू दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अब महिलाएं समूह में जंगल जा रही हैं। सरणा की ग्राम प्रधान ममता रावत ने बताया कि जगह-जगह भालू दिखने से अब यहां भी डर का माहौल है। महिलाएं समूह में शोर शराबा करके जंगलों को जा रही है। पोखरी सौड़ामंगरा की सोनम देवी, प्रभा देवी, बिमला देवी आदि ने बताया कि सुबह 10 बजे के बाद ही जंगलों को जा रहे हैं। उन्होंने जल्द वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की। वहीं डीएफओ बदरीनाथ सर्वेश कुमार दुबे ने कहा कि जिन स्थानों पर भालू दिख रहा है वहां लगातार गश्त की जा रही है। वन विभाग की टीमें जगह-जगह गांवों में गश्त लगा रही हैं। गांवों और जंगलों में आतिशबाजी करके भालुओं को गांव से दूर भगाया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। गांवों में भालुओं की दहशत के कारण महिलाएं घास लेने के लिए समूह में जंगल जा रही हैं। जनपद के पोखरी, कर्णप्रयाग, थराली, नारायणबगड़ आदि ब्लॉकों के ग्रामीण इलाकों में आए दिन भालू दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अब महिलाएं समूह में जंगल जा रही हैं। सरणा की ग्राम प्रधान ममता रावत ने बताया कि जगह-जगह भालू दिखने से अब यहां भी डर का माहौल है। महिलाएं समूह में शोर शराबा करके जंगलों को जा रही है। पोखरी सौड़ामंगरा की सोनम देवी, प्रभा देवी, बिमला देवी आदि ने बताया कि सुबह 10 बजे के बाद ही जंगलों को जा रहे हैं। उन्होंने जल्द वन विभाग से भालुओं को पकड़ने की मांग की। वहीं डीएफओ बदरीनाथ सर्वेश कुमार दुबे ने कहा कि जिन स्थानों पर भालू दिख रहा है वहां लगातार गश्त की जा रही है। वन विभाग की टीमें जगह-जगह गांवों में गश्त लगा रही हैं। गांवों और जंगलों में आतिशबाजी करके भालुओं को गांव से दूर भगाया जा रहा है। संवाद