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नारी अस्त्र, शस्त्र, ढाल अर म्यान च...
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हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल खादी ग्रामोद्योग एवं पर्यटन शरदोत्सव में बृहस्पतिवार को आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी स्वरचित कविता पाठ से पलायन, विकास और अस्पतालों की दुर्दशा पर तंज कसे।
मेला पंडाल में कलश (लोक संस्कृति) चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में हास्य कवियों की कविताओं ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओम प्रकाश सेमवाल ने क्षेत्र की जनता को अपनी बोली-भाषा के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने दुनिया सैयीं च, गैंणा बिज्यां छन, तू बी उठ्यूं रौ कविता के माध्यम से लोगों को समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुरली दिवान ने अस्पताल हो न हो, सौ कदम पर ठेका हो.., जगदंबा चमोला ने नारी अस्त्र, शस्त्र, ढाल, कौ कट्यार म्यान च..., सुधीर बर्त्वाल ने जीणूं, मरणूं, भारी मुश्किल हुयूं च भाई साब..., तेजपाल निर्मोही ने पित्तर ह्वें ग्यां सी पित्तरकूढ़ी मां..., रीना चौधरी ने मेरो मुलुक बदिलेगी, सौ समाज बदलेगी... जैसी कविताओं का पाठ किया। कवि जयवर्द्धन कांडपाल, जसवंत सिंह भंडारी व छात्रा शिखा नेगी ने भी स्वरचित कविताओं का पाठ किया।
चैत की चैत्वाली... ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध
पोखरी। शरदोत्सव मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में दर्शक पंडाल में देर रात तक थिरकते रहे। गायक रुहान भारद्वाज और लोक गायिका करिश्मा शाह ने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत भगवान बदरीनाथ की स्तुति से हुई। रुहान भारद्धाज के गाने चैत की चैत्वाली... पर दर्शक झूम उठे। उन्होंने नंदू की स्याली कमला..., धरती हमरा गढ़वाले की..., मारी जालो मैरा..., फ्वां बाग रे... गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर मेलाध्यक्ष/नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, आनंद सिंह राणा, एसबीआई शाखा के प्रबंधक कुलदीप वशिष्ठ, भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्रपाल भंडारी, व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री महेंद्र प्रकाश सेमवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष जीतेंद्र सती, विक्रम नेगी, वत्सला सती, विजयपाल रावत, अवधेश रावत आदि मौजूद थे।
देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दिए दर्शन
चोपता कौथिग में ऐंद्री स्वरूप में माता रानी की झांकी निकाली
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणबगड़। श्री सिद्धपीठ राजराजेश्वरी गिरिजा भवानी चोपता कौथिग में नवमी पर्व पर ऐंद्री स्वरूप में माता रानी की झांकी निकाली गई। ऐंद्री स्वरूप में देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। बुड़ेरा-देवता युद्ध और भूमियाल देव की घोड़े की सवारी भी आकर्षण का केंद्र रही।
नवमी पर्व पर महिलाओं ने देवी की अगुवानी में परंपरागत खुदेड़ गीत गाए। देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं और ध्याणियों को राजी-खुशी रहने का आशीर्वाद दिया। इस दौरान बुड़ेरा राजा की सेना और देवताओं के पश्वा के बीच युद्ध का दृश्य देखकर भक्त अभिभूत हो गए। युद्ध में जब देवताओं ने बुड़ेरा राजा को पराजित किया तो जयकारों के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। देव उत्सव में ऐंद्री स्वरूप में देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। इसके बाद भूमियाल देव घोड़े की सवारी पर निकले और युद्ध नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। मेले में दूर-दराज से आए लोगों ने अपने सुख-दुख साझा किए। इस मौके पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अवतार सिनवाल, दलवीर रावत, सरोप सिनवाल, पृथ्वी नेगी, जमन रावत, जयवीर रावत, भगवत रावत, जगमोहन सिंह, सुरजीत नेगी, लक्ष्मण, सुनील रावत, दिगंबर रावत आदि मौजूद रहे।
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मेला पंडाल में कलश (लोक संस्कृति) चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में हास्य कवियों की कविताओं ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओम प्रकाश सेमवाल ने क्षेत्र की जनता को अपनी बोली-भाषा के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने दुनिया सैयीं च, गैंणा बिज्यां छन, तू बी उठ्यूं रौ कविता के माध्यम से लोगों को समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुरली दिवान ने अस्पताल हो न हो, सौ कदम पर ठेका हो.., जगदंबा चमोला ने नारी अस्त्र, शस्त्र, ढाल, कौ कट्यार म्यान च..., सुधीर बर्त्वाल ने जीणूं, मरणूं, भारी मुश्किल हुयूं च भाई साब..., तेजपाल निर्मोही ने पित्तर ह्वें ग्यां सी पित्तरकूढ़ी मां..., रीना चौधरी ने मेरो मुलुक बदिलेगी, सौ समाज बदलेगी... जैसी कविताओं का पाठ किया। कवि जयवर्द्धन कांडपाल, जसवंत सिंह भंडारी व छात्रा शिखा नेगी ने भी स्वरचित कविताओं का पाठ किया।
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चैत की चैत्वाली... ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध
पोखरी। शरदोत्सव मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में दर्शक पंडाल में देर रात तक थिरकते रहे। गायक रुहान भारद्वाज और लोक गायिका करिश्मा शाह ने एक के बाद एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत भगवान बदरीनाथ की स्तुति से हुई। रुहान भारद्धाज के गाने चैत की चैत्वाली... पर दर्शक झूम उठे। उन्होंने नंदू की स्याली कमला..., धरती हमरा गढ़वाले की..., मारी जालो मैरा..., फ्वां बाग रे... गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस मौके पर मेलाध्यक्ष/नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद पंत, आनंद सिंह राणा, एसबीआई शाखा के प्रबंधक कुलदीप वशिष्ठ, भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्रपाल भंडारी, व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री महेंद्र प्रकाश सेमवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष जीतेंद्र सती, विक्रम नेगी, वत्सला सती, विजयपाल रावत, अवधेश रावत आदि मौजूद थे।
देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दिए दर्शन
चोपता कौथिग में ऐंद्री स्वरूप में माता रानी की झांकी निकाली
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणबगड़। श्री सिद्धपीठ राजराजेश्वरी गिरिजा भवानी चोपता कौथिग में नवमी पर्व पर ऐंद्री स्वरूप में माता रानी की झांकी निकाली गई। ऐंद्री स्वरूप में देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। बुड़ेरा-देवता युद्ध और भूमियाल देव की घोड़े की सवारी भी आकर्षण का केंद्र रही।
नवमी पर्व पर महिलाओं ने देवी की अगुवानी में परंपरागत खुदेड़ गीत गाए। देवी-देवताओं के पश्वाओं ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं और ध्याणियों को राजी-खुशी रहने का आशीर्वाद दिया। इस दौरान बुड़ेरा राजा की सेना और देवताओं के पश्वा के बीच युद्ध का दृश्य देखकर भक्त अभिभूत हो गए। युद्ध में जब देवताओं ने बुड़ेरा राजा को पराजित किया तो जयकारों के उद्घोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। देव उत्सव में ऐंद्री स्वरूप में देवी ने हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। इसके बाद भूमियाल देव घोड़े की सवारी पर निकले और युद्ध नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। मेले में दूर-दराज से आए लोगों ने अपने सुख-दुख साझा किए। इस मौके पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अवतार सिनवाल, दलवीर रावत, सरोप सिनवाल, पृथ्वी नेगी, जमन रावत, जयवीर रावत, भगवत रावत, जगमोहन सिंह, सुरजीत नेगी, लक्ष्मण, सुनील रावत, दिगंबर रावत आदि मौजूद रहे।