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ऊंची डांडी-कांठ्यू की गोद मां...
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sat, 24 Dec 2016 10:15 PM IST
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बंड विकास मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते लोक कलाकार।
- फोटो : Amar Ujala
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बंड मेले में शुक्रवार को चौथी सांस्कृतिक संध्या शैलजा सामाजिक संस्था पौडी के कलकारों की नाम रही। शैलजा सामाजिक संस्था की से प्रस्तुत कार्यक्रमों पर दर्शन देर रात्रि तक पंडाल में थिरकते रहे। साथ इस दौरान जागर गायक भागचंद्र सावन ने शानदार जागरों की प्रस्तुतियां दी।
लोक गायिका मीना बिष्ट, जगदीश नैथवाल व जौनसारी लोक गायिका शकुंतला रमोला ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों प्रस्तुतियां दी। मीना बिष्ट ने बंड भूमियाल की स्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया, जिसके बाद उन्होंने ऊंची डांडी-कांठ्यू की गोद मां लौंकी जांदी कुएड़ी बरसात मां... जैसे मन मोहक गीत गाए।
वहीं जगदीश नैथवाल के छी दारू नी प्यूण मेरा बीर सिंह... और ऐजा मेरी सोबनी बांद बण्ड विकास मेला मां... गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। पांचवे दिन मेले का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्षा मुन्नी साह ने किया। उन्होंने कहा कि मेले राज्य पौराणिक परंपरा और संस्कृति के द्योतक हैं। मेले के संरक्षण के साथ ही हमें मेलों के माध्यम से अपने क्षेत्रों छिपी प्रतिभाओं उबारने का मौका मिलता है।
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इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष शम्भू प्रसाद सती, हरीश पुरोहित, देवेन्द्र नेगी, रमेश बंडवाल, बिहारी लाल, प्रदीप नेगी, सुनील कोठियाल, सुनैना देवी, बृजलाल बंडवाल, सुन्दरलाल बंडवाल, किशन सिंह पुंडीर, गुलाब सिंह, सुरेन्द्र सिंह नेगी, संतोष नेगी, सुजान सिंह, देवेन्द्र राणा और हरेंद्र पंवार आदि मौजूद थे।
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लोक गायिका मीना बिष्ट, जगदीश नैथवाल व जौनसारी लोक गायिका शकुंतला रमोला ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों प्रस्तुतियां दी। मीना बिष्ट ने बंड भूमियाल की स्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज किया, जिसके बाद उन्होंने ऊंची डांडी-कांठ्यू की गोद मां लौंकी जांदी कुएड़ी बरसात मां... जैसे मन मोहक गीत गाए।
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वहीं जगदीश नैथवाल के छी दारू नी प्यूण मेरा बीर सिंह... और ऐजा मेरी सोबनी बांद बण्ड विकास मेला मां... गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। पांचवे दिन मेले का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्षा मुन्नी साह ने किया। उन्होंने कहा कि मेले राज्य पौराणिक परंपरा और संस्कृति के द्योतक हैं। मेले के संरक्षण के साथ ही हमें मेलों के माध्यम से अपने क्षेत्रों छिपी प्रतिभाओं उबारने का मौका मिलता है।
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इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष शम्भू प्रसाद सती, हरीश पुरोहित, देवेन्द्र नेगी, रमेश बंडवाल, बिहारी लाल, प्रदीप नेगी, सुनील कोठियाल, सुनैना देवी, बृजलाल बंडवाल, सुन्दरलाल बंडवाल, किशन सिंह पुंडीर, गुलाब सिंह, सुरेन्द्र सिंह नेगी, संतोष नेगी, सुजान सिंह, देवेन्द्र राणा और हरेंद्र पंवार आदि मौजूद थे।