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एक सौ बीस परिवारों को पेयजल संकट
कर्णप्रयाग
Updated Thu, 18 Feb 2016 09:03 PM IST
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120 से अधिक परिवारों के गांव सोनला में लोग दशकों से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पांच दशक पूर्व की बनी जर्जर योजना से अब पानी पूरा नहीं हो पा रहा है। गांव में बने स्टैंड पोस्ट पर पानी भरने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इसमें एक घंटे का समय लगता है। ग्रामीण लगातार नई पेयजल निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बदरीनाथ हाईवे पर बसे सोनला कस्बे में अनुसूचित जाति, जन जाति और सामान्य से 120 से अधिक परिवार रहते हैं। यही नहीं यहां यात्रा मार्ग होने के चलते दस से अधिक ढाबे और होटल भी बने है। जबकि सिलंगी, कंडारा, मैखुरा सहित उत्तरीकड़ाकोट के दर्जनों गांवों का टैक्सी स्टैंड भी यहां है। लेकिन पेयजल योजना यहां वर्ष 1960 के दशक की है। ऐसे में 600 से अधिक आबादी और यात्रा मार्ग सहित लिंक मार्गों पर रोज सैकड़ों लोगों के आवागमन के चलते लोगों को पीने के पानी के लिए जूझना पड़ता है।
महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रीति देवी, माधवी देवी, राजेश्वरी देवी, कमला देवी आदि महिलाओं का कहना है कि एक बाल्टी पानी जुटाने के लिए लंबी लाइन लगी रहती है। ऐसे में मवेशियों और अन्य कार्य के लिए पानी जुटाना मुश्किल भरा है। ग्रामीण लगातार गांव के लिए पेयजल लेकिन शासन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती देवी ने कहा कि जलनिगम सहित जिला प्रशासन को लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इधर जलनिगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर पेयजल लाइन की एनजीओ के माध्यम से सर्वे की गई है। लेकिन अभी तक योजना में पैसा नहीं मिल पाया है। पैसा मिलने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
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बदरीनाथ हाईवे पर बसे सोनला कस्बे में अनुसूचित जाति, जन जाति और सामान्य से 120 से अधिक परिवार रहते हैं। यही नहीं यहां यात्रा मार्ग होने के चलते दस से अधिक ढाबे और होटल भी बने है। जबकि सिलंगी, कंडारा, मैखुरा सहित उत्तरीकड़ाकोट के दर्जनों गांवों का टैक्सी स्टैंड भी यहां है। लेकिन पेयजल योजना यहां वर्ष 1960 के दशक की है। ऐसे में 600 से अधिक आबादी और यात्रा मार्ग सहित लिंक मार्गों पर रोज सैकड़ों लोगों के आवागमन के चलते लोगों को पीने के पानी के लिए जूझना पड़ता है।
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महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रीति देवी, माधवी देवी, राजेश्वरी देवी, कमला देवी आदि महिलाओं का कहना है कि एक बाल्टी पानी जुटाने के लिए लंबी लाइन लगी रहती है। ऐसे में मवेशियों और अन्य कार्य के लिए पानी जुटाना मुश्किल भरा है। ग्रामीण लगातार गांव के लिए पेयजल लेकिन शासन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। ग्राम प्रधान पार्वती देवी ने कहा कि जलनिगम सहित जिला प्रशासन को लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। इधर जलनिगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर पेयजल लाइन की एनजीओ के माध्यम से सर्वे की गई है। लेकिन अभी तक योजना में पैसा नहीं मिल पाया है। पैसा मिलने के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
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