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किराए पर ली पोकलैंड और सड़क बनाने में जुट गए ग्रामीण
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पोखरी के सलना गांव में सड़क बनाने के लिए पहुंची पोकलेंड मशीन।
- फोटो : GOPESHWAR
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सालों से सड़क की बाट जोह रहे सलना देवनगर के ग्रामीणों ने अब सरकार और प्रशासन की ओर से मदद की उम्मीद के बजाय खुद सड़क बनाने का जिम्मा उठा लिया है। ग्रामीणों ने खुद से धन एकत्रित कर पोकलैंड मशीन किराए पर ली और खुद सड़क कटिंग का काम शुरू कर दिया।
पोखरी-हापला सड़क के सलना घट गदेरे से सलना गांव तक वर्ष 2016 में करीब चार किमी सड़क स्वीकृत है। इसके लिए 67.50 लाख रुपये भी स्वीकृत हैं, लेकिन भू-सर्वे में इसे स्लाइड जोन बताया गया, जिससे सड़क नहीं बन पाई। अब ग्रामीणों ने एकजुट होकर धनराशि जमा की और 12 लाख रुपये एकत्रित कर पोकलैंड मशीन किराए पर ली। ढाई किमी सड़क निर्माण के लिए पोकलैंड का ढाई रुपये किराया है। ग्राम प्रधान देवनगर चंद्रकला देवी का कहना है कि फिलहाल सड़क को ढाई किमी तक बनाया जाएगा, जो गांव के प्राथमिक विद्यालय तक बनेगी। सड़क निर्माण में सभी ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान सड़क निर्माण समिति के संरक्षक पूरण सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, हीरा सिंह, बलभद्र सिंह, कुलदीप सिंह, बृजेश कुमेड़ी, जगदीश प्रसाद, मोहन प्रसाद, अनिल कुमार, सुनीता देवी, भागीरथी देवी, संतोषी देवी जीत सिंह और प्रवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर इस सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम हो पाएगा। गांव के लोग जो भी करें वह उनका व्यक्तिगत मामला है। इसमें विभाग का कुछ लेना देना नहीं है। - राजकुमार अधिशासी अभियंता लोनिवि पोखरी।
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पोखरी-हापला सड़क के सलना घट गदेरे से सलना गांव तक वर्ष 2016 में करीब चार किमी सड़क स्वीकृत है। इसके लिए 67.50 लाख रुपये भी स्वीकृत हैं, लेकिन भू-सर्वे में इसे स्लाइड जोन बताया गया, जिससे सड़क नहीं बन पाई। अब ग्रामीणों ने एकजुट होकर धनराशि जमा की और 12 लाख रुपये एकत्रित कर पोकलैंड मशीन किराए पर ली। ढाई किमी सड़क निर्माण के लिए पोकलैंड का ढाई रुपये किराया है। ग्राम प्रधान देवनगर चंद्रकला देवी का कहना है कि फिलहाल सड़क को ढाई किमी तक बनाया जाएगा, जो गांव के प्राथमिक विद्यालय तक बनेगी। सड़क निर्माण में सभी ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान सड़क निर्माण समिति के संरक्षक पूरण सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, हीरा सिंह, बलभद्र सिंह, कुलदीप सिंह, बृजेश कुमेड़ी, जगदीश प्रसाद, मोहन प्रसाद, अनिल कुमार, सुनीता देवी, भागीरथी देवी, संतोषी देवी जीत सिंह और प्रवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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भू-वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर इस सड़क का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम हो पाएगा। गांव के लोग जो भी करें वह उनका व्यक्तिगत मामला है। इसमें विभाग का कुछ लेना देना नहीं है। - राजकुमार अधिशासी अभियंता लोनिवि पोखरी।
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