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ग्रामीणों से अधिकारियों की वार्ता रही विफल
ब्यूरो/अमर उजाला कर्णप्रयाग
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:28 PM IST
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खंसर घाटी में मोबाइल सेवा, स्वीकृत सड़कों पर काम शुरू करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारियों से प्रशासन की वार्ता विफल रही। इधर, आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के 20 से अधिक ग्रामीणों ने बाजार में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण 15 जुलाई से अनशन पर हैं।
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मंगलवार को ग्रामीणों से वार्ता करने उपजिलाधिकारी विवेक प्रकाश, तहसीलदार सुशीला कोठियाल, बीएसएनएल के उपमंडलीय अधिकारी बीएस रावत, थाना प्रभारी अनिरूद्घ मैठाणी सहित लोनिवि, पीएमजीएसवाई के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी वार्ता के लिए माईथान अनशन स्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना सक्षम अधिकारियों के वार्ता करने से इंकार कर दिया। ऐसे में अफसरों को लौटना पड़ा।
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इधर, आंदोलन के समर्थन में कलचुंडा, कुसरानी मल्ली, कालीमाटी, लाटूगैर सहित आसपास के 20 से अधिक गांवों के महिलाओं और ग्रामीणों ने माईथान बाजार में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं पांच दिन से अनशन पर बैठे अवतार सिंह, कुंवर सिंह और दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठे चतुर सिंह के यूरीन में संक्रमण पाया गया।
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स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंचे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डा. मनीभूषण पंत ने बताया कि यूरीन में संक्रमण के चलते किडनी में दिक्कत हो सकती है। अवतार और कुंवर सिंह के वजन में तीन किलो तक की कमी पाई गई है।
तकनीकी कमी को दूर करने के निर्देश
खंसर घाटी में मोबाइल सेवा सहित अन्य मांगों के मामले में विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि कंडारीखोड़ में एक निजी मोबाइल सेवा कंपनी ने टॉवर लगाया है, लेकिन तकनीकी कमी रहने से टॉवर शुरू नहीं हो पाया है। कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर जल्द तकनीकी कमी को दूर करने के लिए कहा गया है। साथ ही क्षेत्र में बीएसएनएल कनेक्टिविटी के लिए कंडारीखोड़ के टॉवर को भराड़ीसैंण के टॉवर से जोड़ने के लिए कहा गया है।