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मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज न होने पर भड़के ग्रामीण
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वांक गांव के बीरेंद्र सिंह राणा की मौत के मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न होने से गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीएम से मुलाकात की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने पटवारी को एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू करने के निर्देश दिए।
30 नवंबर को वांक गांव के वीरेंद्र सिंह का शव गांव से करीब 300 मीटर दूर जंगल में संदिग्ध हालत में मिला था। मामले में मृतक के पिता मान सिंह ने 12 लोगों के खिलाफ पटवारी चौकी मुंदोली में तहरीर देकर आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाकर उनको गिरफ्तार करने की मांग की थी। घटना के 10 दिन बाद भी जब पटवारी ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो गुस्साए ग्रामीण एसडीएम दफ्तर पहुंचे और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम के समक्ष नाराजगी जताई। ग्रामीणाें ने गांव के ही कुछ लोगों पर वीरेंद्र सिंह की हत्या करने का आरोप लगाकर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। एसडीएम से मिलने वालों में मान सिंह, शीतल सिंह, किशन दानू, प्रताप सिंह, बख्तावर सिंह, जगत सिंह, पान सिंह, आलम सिंह, त्रिलोक सिंह, कलम सिंह, गबर सिंह, दलबीर सिंह, गंगा सिंह शामिल थे।
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30 नवंबर को वांक गांव के वीरेंद्र सिंह का शव गांव से करीब 300 मीटर दूर जंगल में संदिग्ध हालत में मिला था। मामले में मृतक के पिता मान सिंह ने 12 लोगों के खिलाफ पटवारी चौकी मुंदोली में तहरीर देकर आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाकर उनको गिरफ्तार करने की मांग की थी। घटना के 10 दिन बाद भी जब पटवारी ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो गुस्साए ग्रामीण एसडीएम दफ्तर पहुंचे और राजस्व विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसडीएम के समक्ष नाराजगी जताई। ग्रामीणाें ने गांव के ही कुछ लोगों पर वीरेंद्र सिंह की हत्या करने का आरोप लगाकर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इस पर एसडीएम ने तहसीलदार को मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। एसडीएम से मिलने वालों में मान सिंह, शीतल सिंह, किशन दानू, प्रताप सिंह, बख्तावर सिंह, जगत सिंह, पान सिंह, आलम सिंह, त्रिलोक सिंह, कलम सिंह, गबर सिंह, दलबीर सिंह, गंगा सिंह शामिल थे।
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