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परंपरागत जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए आगे आए उर्गम घाटी के ग्रामीण
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पर्यटन क्षेत्र उर्गम घाटी में महिला मंगल दल पिलखी की महिलाओं ने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया है।
लोक विज्ञान संस्थान देहरादून और स्वैच्छिक संगठन जय नंदा देवी स्वरोजगार शिक्षण संस्थान (जनदेश) की ओर से महिलाओं को तकनीकी और आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। पिलखी गांव में मगरा नामक जलस्रोत के ऊपरी हिस्से में जलतियां (छोटे छोटे कुएं) का निर्माण शुरू किया गया है। ग्राम संगठन की पदाधिकारी प्रीति देवी ने बताया कि जल स्रोतों को रिचार्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कार्य से ही आमूलचूल परिवर्तन आ सकता है।
युवक मंडल अध्यक्ष नंदा सिंह ने कहा कि गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके लिए परंपरागत जल स्रोतों को रिचार्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। जनदेश के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने का कि पिलखी गांव में प्रयास सार्थक रहे तो भर्की और सलना गांव में भी जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया जाएगा। इस मौके पर धर्मेंद्र राणा, सामुदायिक कार्यकर्ता राजेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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लोक विज्ञान संस्थान देहरादून और स्वैच्छिक संगठन जय नंदा देवी स्वरोजगार शिक्षण संस्थान (जनदेश) की ओर से महिलाओं को तकनीकी और आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है। पिलखी गांव में मगरा नामक जलस्रोत के ऊपरी हिस्से में जलतियां (छोटे छोटे कुएं) का निर्माण शुरू किया गया है। ग्राम संगठन की पदाधिकारी प्रीति देवी ने बताया कि जल स्रोतों को रिचार्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक कार्य से ही आमूलचूल परिवर्तन आ सकता है।
युवक मंडल अध्यक्ष नंदा सिंह ने कहा कि गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इसके लिए परंपरागत जल स्रोतों को रिचार्ज करने का प्रयास किया जा रहा है। जनदेश के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने का कि पिलखी गांव में प्रयास सार्थक रहे तो भर्की और सलना गांव में भी जलस्रोतों को पुनर्जीवित किया जाएगा। इस मौके पर धर्मेंद्र राणा, सामुदायिक कार्यकर्ता राजेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
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