फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Villagers agree on assurance of compensation, construction of Malai Highway started

मुआवजे के आश्वासन पर माने ग्रामीण, शुरू हुआ मलाई हाईवे का निर्माण

Fri, 18 Jun 2021 07:06 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 07:06 PM IST
विज्ञापन
Villagers agree on assurance of compensation, construction of Malai Highway started
भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलाई हाईवे का निर्माण कार्य आखिरकार शुक्रवार से शुरू हो गया है। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए जल्द मुआवजा देने की बात कही, जिसके बाद रैणी गांव के ग्रामीणों ने हाईवे के नए समरेखण से ही सड़क निर्माण की सहमति दे दी है। शुक्रवार को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने करीब 50 मीटर तक सड़क की हिल कटिंग का कार्य भी पूरा कर लिया है। हाईवे का निर्माण कार्य शुरू होने पर नीती घाटी के गांवों के ग्रामीणों के साथ ही चीन सीमा पर मुस्तैद सेना व आईटीबीपी ने भी राहत की सांस ली।
विज्ञापन

मालूम हो की 14 जून को तड़के भारी बारिश के कारण रैणी गांव के निचले हिस्से में करीब 40 मीटर तक मलारी हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से चीन सीमा क्षेत्र का चमोली जिले से संपर्क टूटा हुआ है। बीआरओ की ओर से रैणी गांव के निचले हिस्से में सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया, लेकिन रैणी गांव के ग्रामीणों ने पहले भूमि का मुआवजा और गांव के पुनर्वास के बाद ही हिल कटिंग शुरू करने देने का एलान किया। तीन दिनों तक प्रशासन, बीआरओ और ग्रामीणों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन परिमाण कुछ नहीं निकल पाया। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट रैणी गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठक की, विधायक ने कहा कि गांव का शीघ्र ही भू-गर्भीय सर्वे करवाया जाएगा और वैज्ञानिकों की जांच के बाद ही गांव के पुनर्वास की योजना बनाई जाएगी। सड़क कटिंग में ग्रामीणों की जो भी भूमि अधिग्रहीत की जाएगी, उसका शीघ्र मुआवजा भी दिया जाएगा, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी सहमति दी और शुक्रवार को सुबह आठ बजे से सड़क कटिंग का काम शुरू हो गया। जोशीमठ के तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वार्ता के बाद अब बीआरओ ने हाईवे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

100 मीटर तक होगी नई सड़क की कटिंग
बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने बताया कि रैणी गांव के एक छोर से दूसरे छोर तक करीब 100 मीटर तक नई सड़क की कटिंग की जाएगी। एक सप्ताह में हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो भी मुआवजा सरकारी स्तर पर तय किया जाएगा, उसे ग्रामीणों को दिया जाएगा। जल्द से जल्द हाईवे को सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इंसेट
पांच दिनों से गांवों में ही कैद हैं नीती घाटी के ग्रामीण
गोपेश्वर। मलारी हाईवे क्षतिग्रस्त होने से नीती घाटी के 21 गांवों की करीब 5000 की आबादी अपने गांवों में ही कैद होकर रह गई है। 14 जून को हाईवे के क्षतिग्रस्त होने के बाद से ग्रामीणों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है। साथ ही चीन सीमा क्षेत्र में सेना व आईटीबीपी की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है। घाटी के नीती, गमशाली, बांपा, फरकिया, कैलाशपुर, मलारी, भापकुंड, कोषा, गरपक, कागा, द्रोणागिरी, रैणी पल्ला और जुग्जु गांव आदि के ग्रामीणों की आवाजाही का यही एकमात्र रास्ता है। हाईवे क्षतिग्रस्त होने से सेना और आईटीबीपी के जवान भी जोशीमठ से मलारी तक आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। मलारी गांव के देव सिंह राणा ने बताया कि नीती घाटी में लगातार दो दिनों से बारिश हो रही है जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। घाटी में कई स्थानीय व सेना के वाहन फंसे हुए हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed