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उत्तरकाशी : स्टोन क्रशर मालिक पर 2.12 करोड़ का जुर्माना
Sat, 24 Feb 2024 05:20 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 24 Feb 2024 05:20 PM IST
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आरटीआई में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं देने पर सूचना आयोग ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। स्टोन क्रशर की प्रवेश व निकासी गेट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध न कराना एक स्टोन क्रशर मालिक को भारी पड़ गया। मामले में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने स्टोन क्रशर मालिक पर 2.12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) से जुड़ा यह मामला पिछले साल मार्च माह का है। डुंडा तहसील के अस्तल निवासी साहब सिंह राणा ने गत वर्ष 13 मार्च को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में आरटीआई लगाई थी। उन्होंने तहसील के हिटाणु स्थित उमा स्टोन क्रशर पर रात के समय अवैध खनन करने का आरोप लगाया था। साथ ही संबंधित क्रशर प्लांट की जनवरी और फरवरी 2023 माह की प्रवेश व निकासी की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की थी। जब उन्हें यह रिकॉर्डिंग नहीं मिली तो उन्होंने भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई निदेशक देहरादून के यहां अपील की। वहां से भी जब उन्हें आरटीआई में सूचना नहीं मिली तब उन्होंने सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की। तब आयोग ने विभाग को रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने या ऐसा नहीं होने पर संबंधित क्रशर मालिक पर विधि के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर विभाग ने संबंधित स्टोन क्रशर मालिक को नोटिस दिया लेकिन पर्याप्त समय देने के बाद भी संबंधित ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई। इस पर विभाग ने उत्तराखंड स्टोन क्रशर नीति 2021 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित क्रशर मालिक पर करीब 59 दिन के 84,960 मिनट पर प्रति 250 रुपये मिनट के हिसाब से 2,12, 40000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोट
आरटीआई में क्रशर प्लांट के प्रवेश व निकासी गेट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित क्रशर मालिक पर जुर्माना लगाया गया है। उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट मोबाइल स्टोन, पल्वराईजर प्लांट, हॉटमिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा नीति 2021 के बिंदु 14 (9) में प्लांट के प्रवेश व निकासी गेटों पर सीसीटीवी स्थापित करना अनिवार्य है। साथ ही रिकॉर्डिंग को संरक्षित रखा जाना भी अनिवार्य है। - जीडी प्रसाद, उप निदेशक व भूवैज्ञानिक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग।
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उत्तरकाशी। स्टोन क्रशर की प्रवेश व निकासी गेट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध न कराना एक स्टोन क्रशर मालिक को भारी पड़ गया। मामले में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने स्टोन क्रशर मालिक पर 2.12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) से जुड़ा यह मामला पिछले साल मार्च माह का है। डुंडा तहसील के अस्तल निवासी साहब सिंह राणा ने गत वर्ष 13 मार्च को भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग में आरटीआई लगाई थी। उन्होंने तहसील के हिटाणु स्थित उमा स्टोन क्रशर पर रात के समय अवैध खनन करने का आरोप लगाया था। साथ ही संबंधित क्रशर प्लांट की जनवरी और फरवरी 2023 माह की प्रवेश व निकासी की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की थी। जब उन्हें यह रिकॉर्डिंग नहीं मिली तो उन्होंने भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई निदेशक देहरादून के यहां अपील की। वहां से भी जब उन्हें आरटीआई में सूचना नहीं मिली तब उन्होंने सूचना आयोग में द्वितीय अपील दायर की। तब आयोग ने विभाग को रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने या ऐसा नहीं होने पर संबंधित क्रशर मालिक पर विधि के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस पर विभाग ने संबंधित स्टोन क्रशर मालिक को नोटिस दिया लेकिन पर्याप्त समय देने के बाद भी संबंधित ने रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराई। इस पर विभाग ने उत्तराखंड स्टोन क्रशर नीति 2021 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित क्रशर मालिक पर करीब 59 दिन के 84,960 मिनट पर प्रति 250 रुपये मिनट के हिसाब से 2,12, 40000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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आरटीआई में क्रशर प्लांट के प्रवेश व निकासी गेट की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित क्रशर मालिक पर जुर्माना लगाया गया है। उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट मोबाइल स्टोन, पल्वराईजर प्लांट, हॉटमिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा नीति 2021 के बिंदु 14 (9) में प्लांट के प्रवेश व निकासी गेटों पर सीसीटीवी स्थापित करना अनिवार्य है। साथ ही रिकॉर्डिंग को संरक्षित रखा जाना भी अनिवार्य है। - जीडी प्रसाद, उप निदेशक व भूवैज्ञानिक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग।
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