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बदरीनाथ में फंसे दो सौ यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:56 PM IST
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लामबगड़ में फंसे तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू कर निकालती एसडीआरएफ की टीम।
- फोटो : Amar Ujala
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के तीसरे दिन भी अवरुद्ध रहने से करीब दो सौ तीर्थयात्री और 35 वाहन यहां फंसे हुए है। शनिवार दोपहर बाद बीआरओ के मजदूर और मशीनें हाईवे खोलने का काम शुरू किया लेकिन शाम तक भी हाईवे खुल नहीं पाया।
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी लामबगड़ में अवरुद्ध रहा। शनिवार सुबह ग्यारह बजे तक लामबगड़ क्षेत्र में बारिश लगी रही, जिससे बीआरओ के मजदूर और मशीनें हाईवे को खोलने का काम शुरू नहीं कर पाए।
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बदरीनाथ धाम जाने वाले करीब तीन सौ तीर्थयात्रियों को जोशीमठ और पांडुकेश्वर में रोका गया है। जबकि कांवड़िए लामबगड़ गांव से पैदल ही बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। लामबगड़ में चट्टान से जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां बीआरओ की मशीनों और मजदूरों को कार्य करने में दिक्कतें आ रही हैं।
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चार घंटे चले रेस्क्यू, सकुशल निकाले तीर्थयात्री
जोशीमठ। एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार रात को लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में फंसे दस तीर्थयात्रियों को सकुशल निकाला। दरअसल शुक्रवार को सुबह लामबगड़ से पैदल ही दिल्ली के तीर्थयात्री राजेश कुमार, अनुज कुमार, मनोज, मुकेश, नवीन व गौरव सहित दस यात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे।
धाम के दर्शन करने के पश्चात देर शाम करीब साढ़े सात बजे तीर्थयात्री लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र से ही पैदल आवाजाही कर जोशीमठ की ओर आ रहे थे, लेकिन भारी बारिश के कारण लामबगड़ और खचड़ा नाला के उफान पर आने से यात्री बीच में ही फंस गए। लोगों ने तीर्थयात्रियों के फंसने की सूचना पुलिस चौकी पांडुकेश्वर को दी।
जिस पर एसडीआरएफ निरीक्षक पूरन सिंह तोमर और उपनिरीक्षक ओमप्रकाश दस जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। करीब चार घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात ग्यारह बजे तीर्थयात्रियों को सुरक्षित पांडुकेश्वर लाया गया।