चमोली: तुंगनाथ-चोपता में प्लास्टिक ले जाने पर लगेगी रोक, वन विभाग ने अब तक एकत्रित किया पांच हजार किलो कूड़ा
तुंगनाथ और चोपता की खूबसूरत वादियों को कूड़े और प्लास्टिक से बचाने के लिए वन विभाग ने स्वच्छता अभियान तेज करने की तैयारी की है। क्षेत्र में 100 स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे और प्लास्टिक ले जाने पर रोक लगाने की योजना है। अब तक पांच हजार किलो कूड़ा एकत्र किया जा चुका है।
विस्तार
तृतीय केदार तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने 100 स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही यहां प्लास्टिक ले जाने रोक लगाई जाएगी। अभियान के तहत अब तक क्षेत्र से पांच हजार किलोग्राम कूड़ा एकत्रित किया जा चुका है। वन विभाग इस मुहिम में स्थानीय लोगों और स्वयं सहायता समूहों का सहयोग ले रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
समुद्र तल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ मंदिर में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से क्षेत्र में कूड़े की समस्या भी बढ़ी है। तुंगनाथ क्षेत्र केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में यहां के प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने स्वच्छता अभियान तेज कर दिया है।
ये भी पढे़ं...देहरादून: किराये पर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड; सर्विस नहीं छल है, ऑनलाइन ऑफर के ऐसे झांसे में गलती से भी न आएं
प्रभाग के डीएफओ रजत सुमन ने बताया कि तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र में लगातार स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं और रैलियां भी निकाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था लागू करने की योजना है जिससे श्रद्धालु और पर्यटक अपने साथ प्लास्टिक नहीं ले जा सकेंगे। इसका उद्देश्य तुंगनाथ क्षेत्र को कूड़ामुक्त बनाकर प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को संरक्षित करना है।