फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Traffic at the risk of life from the bridge built on the river Gedera

गदेरे पर बनी पुलिया से जान जोखिम में डालकर कर रहे आवाजाही

Thu, 11 Jul 2019 09:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2019 09:48 PM IST
विज्ञापन
Traffic at the risk of life from the bridge built on the river Gedera
वर्ष 2013 में आई आपदा के छह साल बाद भी तहसील थराली के गांवों के हालात नहीं सुधरे हैं। स्थिति यह है कि सोल घाटी के नौ गांवों को जोड़ने वाला ढाढरबगड़ पैदल पुल आज तक नहीं बना है, जिससे पांच हजार की आबादी गदेरे पर बनी लकड़ी की अस्थायी पुलिया से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2013 में ढाढरबगड़ गदेरा में बाढ़ आने से रणकोट, घूंघूटी, गेराड़ी, चौनी, हरिनगर लेटाल, कलचूना, पारथा और कुराड़आई गांवों का एकमात्र ढाढरबगड़ पुल बह गया था। तब से यहां स्थायी पुल नहीं बन पाया है। ग्रामीणों ने यहां स्वयं के प्रयासों से अस्थायी पुलिया का निर्माण किया, लेकिन गदेरे में उफान आने से यहां आवाजाही में खतरा बना रहता है। गदेरा उफान पर आने से यह पुलिया भी अक्सर बह जाती है। ढाढरबगड़ गदेरे को पार कर इन गांवों के बच्चे गेरूड़ इंटर कॉलेज जाते हैं। भवान सिंह, खिलाप सिंह, सुजान सिंह, दिलमणि, खीम सिंह, दयाल सिंह, चंद्र सिंह आदि ने कहा कि इस संबंध में कई बार सीएम, डीएम, एसडीएम, लोनिवि, जिला पंचायत अध्यक्ष से यहां स्थायी पुल के निर्माण की मांग की लेकिन कोई भी उनकी पीड़ा सुनने को तैयार नहीं है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश रावत का कहना है कि पहले यह पुल जिला पंचायत का था जो बह गया। उसके बाद यहां पर स्पान अधिक होने से ग्रामीणों ने लोनिवि को पुल बनाने को कहा। विभाग की ओर से पुल का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। जैसे ही इस्टीमेट स्वीकृत होगा पुल निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed