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Chamoli News: शिव पुराण कथा में बताया धार्मिक ग्रंथों का महत्व
Tue, 02 Jun 2026 07:36 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:36 PM IST
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नंदासैंण। पौराणिक सिद्धपीठ शैलेश्वर महादेव मंदिर में महा शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के आठवें दिन आचार्य अरविंद सेमवाल ने धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला। आचार्य सेमवाल ने बताया कि शिव और शक्ति की पूजा-अर्चना से मनुष्य को सुख-समृद्धि मिलती है। मंदिर में महादेव के जलाभिषेक और कथा श्रवण के लिए आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में आचार्य अनमोल चमोला ने अपने भजनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैनोली, ऐरोली, नंदासैंण, नौटी, देवलकोट और मलेठी सहित विभिन्न स्थानों से भक्त कथा सुनने पहुंचे। संवाद
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आटागाड़ नदी के संरक्षण करने की मांग
आदिबदरी। पवित्र उत्तरवाहिनी आटा गाड (नारायण गंगा) नदी का अस्तित्व खतरे में है। हर वर्ष जल स्तर गिरने और आकार सिकुड़ने से यह संकट गहरा गया है। लोगों ने इसके संरक्षण करने की मांग की है। दूधातोली से निकलने वाली यह नदी क्षेत्रवासियों के लिए पवित्र मानी जाती है जहां पूजा-पर्वों पर श्रद्धालु स्नान करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश बहुगुणा ने बताया कि पहले बरसात में भैंस्या डांग उफनते पानी में अदृश्य हो जाता था। अब वह पत्थर आधा डूबा रहता है। हिमालयन संस्कृति केंद्र के सदस्य विजयेश नवानी ने अवैध उत्खनन और नदी में मलबा फेंकने को इसके अस्तित्व के लिए खतरा बताया। नवानी ने शासन-प्रशासन से आटा गाड के संरक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की मांग की है। संवाद
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आटागाड़ नदी के संरक्षण करने की मांग
आदिबदरी। पवित्र उत्तरवाहिनी आटा गाड (नारायण गंगा) नदी का अस्तित्व खतरे में है। हर वर्ष जल स्तर गिरने और आकार सिकुड़ने से यह संकट गहरा गया है। लोगों ने इसके संरक्षण करने की मांग की है। दूधातोली से निकलने वाली यह नदी क्षेत्रवासियों के लिए पवित्र मानी जाती है जहां पूजा-पर्वों पर श्रद्धालु स्नान करते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता चंद्र प्रकाश बहुगुणा ने बताया कि पहले बरसात में भैंस्या डांग उफनते पानी में अदृश्य हो जाता था। अब वह पत्थर आधा डूबा रहता है। हिमालयन संस्कृति केंद्र के सदस्य विजयेश नवानी ने अवैध उत्खनन और नदी में मलबा फेंकने को इसके अस्तित्व के लिए खतरा बताया। नवानी ने शासन-प्रशासन से आटा गाड के संरक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की मांग की है। संवाद
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