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तीर्थपुरोहितों में देवस्थानम बोर्ड भंग होने की जगी उम्मीद
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बदरीनाथ धाम के तीर्थपुरोहितों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है, इसी की तर्ज पर उत्तराखंड के चारों धामों में थोपे गए देवस्थानम बोर्ड को भी भंग करने की उम्मीद जगी है। पुरोहितों का मानना है कि बोर्ड के खिलाफ लंबे समय से चल रहे आंदोलन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार भी देवस्थानम प्रबंधन एक्ट 2019 को वापस लेगी।
चारधाम महापंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती का कहना है कि चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी पिछले 23 माह से एक्ट के विरोध में आंदोलनरत हैं। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी देवस्थानम एक्ट को वापस लेगी। बद्रीश पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी का कहना है कि अब उनकी उम्मीदों पर भी जल्द सरकार कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद बद्रीश पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी और डिमरी पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीराम डिमरी का कहना है कि सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने से देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की उनकी उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उत्तराखंड सरकार आगामी विधानसभा सत्र में बोर्ड को भंग कर देगी।
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चारधाम महापंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती का कहना है कि चारों धामों के तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारी पिछले 23 माह से एक्ट के विरोध में आंदोलनरत हैं। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का निर्णय लिया है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी देवस्थानम एक्ट को वापस लेगी। बद्रीश पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी का कहना है कि अब उनकी उम्मीदों पर भी जल्द सरकार कोई फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद बद्रीश पंचायत के अध्यक्ष प्रवीण ध्यानी और डिमरी पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीराम डिमरी का कहना है कि सरकार के कृषि कानूनों को वापस लेने से देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की उनकी उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि उत्तराखंड सरकार आगामी विधानसभा सत्र में बोर्ड को भंग कर देगी।
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