लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli ›   The doors of the holy Hemkund Sahib opened by law

विधि विधान से खुले पवित्र हेमकुंड साहिब के कपाट

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 22 May 2022 09:24 PM IST
The doors of the holy Hemkund Sahib opened by law
विज्ञापन
ख़बर सुनें
प्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट रविवार को विधि विधान से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पहली अरदास में 5000 श्रद्धालु शामिल हुए।

रविवार को सुबह नौ बजे घांघरिया से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था पंच प्यारों के साथ हेमकुंड साहिब पहुंचा। इसके बाद सुबह साढ़े नौ बजे गढ़वाल स्काउट और पंजाब से आए बैंड धुन के साथ गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड से पावन दरबार साहिब में ले जाया गया। इसके बाद ठीक दस बजे हेमकुंड साहिब के कपाट खोले गए और तीर्थयात्रियों ने पहली अरदास की। हेमकुंड के मुख्य ग्रंथी सरदार मिलाप सिंह व सरदार कुलवंत सिंह की ओर से सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इस दौरान रागी भाई मोहकम सिंह और साथियों की ओर से प्रस्तुत गुरुवाणी कीर्तन से हेमकुंड साहिब में मौजूद संगत निहाल हो उठी। सेना की 418 कमान के ऑफिसर कमांडर कर्नल आरएस पुंडीर, ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार और गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार जनक सिंह ने भी कपाट खुलने के मौके पर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में शबद कीर्तन में प्रतिभाग किया।
वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खुले लक्ष्मण मंदिर के कपाट
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब के समीप ही स्थित प्राचीन लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए हैं। रविवार को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के शीघ्र बाद लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी विधि-विधान व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खोल दिए गए। पुजारी कुशल सिंह चौहान ने मंदिर में विधिवत रूप से पूजा-अर्चना कर भोग लगाया। इस दौरान तीर्थयात्रियों ने भगवान लक्ष्मण के दर्शन किए। संवाद

पल-पल बदल रहा हेमकुंड साहिब का मौसम
समुद्र तल से 15200 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब में पल-पल मौसम बदल रहा है। शनिवार को देर शाम तक हेमकुंड साहिब में बारिश और बर्फबारी हुई, जिससे यहां ठंड में इजाफा हो गया है। हेमकुंड साहिब में कड़ाके की ठंड हो रही है। रविवार सुबह कपाट खुलने के दौरान चटख धूप खिली तो तीर्थयात्रियों को ठंड से राहत मिली, लेकिन पूर्वाह्न साढ़े ग्यारह बजे से फिर आसमान में बादल छा गए और बर्फबारी शुरू हुई। हेमकुंड साहिब में तीर्थयात्रियों को रात्रि ठहरने की व्यवस्था नहीं है, जिस कारण तीर्थयात्री दिनभर हेमकुंड साहिब में रहने के बाद रात्रि प्रवास के लिए घांघरिया पहुंचते हैं। संवाद

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00