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Chamoli News: बेनीताल का अंधेरा आकाश बना खुला वेधशाला
Sat, 22 Nov 2025 07:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sat, 22 Nov 2025 07:03 PM IST
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कर्णप्रयाग के बेनीताल में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते पर्यटक। स्रोत : आयोजक
फोटो
बेनीताल में पर्यटकों ने देखा तारों, तकनीकी और हिमालय का अद्भुत संगम
बेनीताल में एस्ट्रोवीक-3 का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। एस्ट्रोविलेज बेनीताल में आयोजित एस्ट्रोवीक-3 के दूसरे दिन पर्यटकों ने तारों, हिमालय और तकनीकी का अद्भुत संगम देखा। शाम ढलते ही बेनीताल का अंधेरा आकाश एक खुला वेधशाला बन गया। 30 से अधिक प्रतिभागियों ने तारों, आकाशीय पिंड और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच की गतिविधियां देखीं।
दूसरे दिन की शुरुआत लैंडस्केप और प्रकृति फोटोग्राफी सत्र से हुई। अनुभवी फोटोग्राफर शाहिद हाशमी ने प्रकाश, कंपोज़िशन और दृश्य-निर्माण की बारीकियां पर्यटकों को सिखाईं। प्रतिभागियों ने कैमरा सेटिंग्स, प्लानिंग और बेनीताल के आसपास की सुंदर लोकेशन पर अभ्यास किया। वहीं इस वर्ष नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए एक विशेष वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जोन बनाया गया है। जहां प्रतिभागी रियल-स्काई स्टेलैरियम, अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) सिमुलेशन और खगोलीय यात्राओं का अनुभव कर रहे हैं। इस तकनीकी सुविधा ने सीखने को और सरल, रोचक और प्रभावी बनाया है। शाम ढलते ही बेनीताल का अंधेरा आकाश एक खुला वेधशाला बन रहा है। इसमें देश के प्रमुख खगोलीय फोटोग्राफर अजय तलवार ने प्रतिभागियों को इमर्सिव पैनोरामा, जुपिटर (बृहस्पतिवार), सैटर्न (शनि) ग्रह अवलोकन को लंबे एक्सपोज़र तकनीकों से नक्षत्र पहचान पर मार्गदर्शन दिया। टेलीस्कोप और ऑटो-ट्रैकिंग सिस्टम्स से प्रतिभागियों ने ग्रहों, गहरे आकाशीय पिंड और तारा-समूहों को नजदीक से देखा और समझा। इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, राहुल अधिकारी, संजय शाह, संकल्प रस्तोगी, स्वप्निल, उत्कर्ष मिश्रा आदि मौजूद थे।
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बेनीताल में पर्यटकों ने देखा तारों, तकनीकी और हिमालय का अद्भुत संगम
बेनीताल में एस्ट्रोवीक-3 का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। एस्ट्रोविलेज बेनीताल में आयोजित एस्ट्रोवीक-3 के दूसरे दिन पर्यटकों ने तारों, हिमालय और तकनीकी का अद्भुत संगम देखा। शाम ढलते ही बेनीताल का अंधेरा आकाश एक खुला वेधशाला बन गया। 30 से अधिक प्रतिभागियों ने तारों, आकाशीय पिंड और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच की गतिविधियां देखीं।
दूसरे दिन की शुरुआत लैंडस्केप और प्रकृति फोटोग्राफी सत्र से हुई। अनुभवी फोटोग्राफर शाहिद हाशमी ने प्रकाश, कंपोज़िशन और दृश्य-निर्माण की बारीकियां पर्यटकों को सिखाईं। प्रतिभागियों ने कैमरा सेटिंग्स, प्लानिंग और बेनीताल के आसपास की सुंदर लोकेशन पर अभ्यास किया। वहीं इस वर्ष नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए एक विशेष वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जोन बनाया गया है। जहां प्रतिभागी रियल-स्काई स्टेलैरियम, अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) सिमुलेशन और खगोलीय यात्राओं का अनुभव कर रहे हैं। इस तकनीकी सुविधा ने सीखने को और सरल, रोचक और प्रभावी बनाया है। शाम ढलते ही बेनीताल का अंधेरा आकाश एक खुला वेधशाला बन रहा है। इसमें देश के प्रमुख खगोलीय फोटोग्राफर अजय तलवार ने प्रतिभागियों को इमर्सिव पैनोरामा, जुपिटर (बृहस्पतिवार), सैटर्न (शनि) ग्रह अवलोकन को लंबे एक्सपोज़र तकनीकों से नक्षत्र पहचान पर मार्गदर्शन दिया। टेलीस्कोप और ऑटो-ट्रैकिंग सिस्टम्स से प्रतिभागियों ने ग्रहों, गहरे आकाशीय पिंड और तारा-समूहों को नजदीक से देखा और समझा। इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, राहुल अधिकारी, संजय शाह, संकल्प रस्तोगी, स्वप्निल, उत्कर्ष मिश्रा आदि मौजूद थे।
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