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संतान कामना लेकर मां अनसूया के दरबार पहुंचे दंपती
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अनसूया गेट पर अपने भक्तों को दर्शन देतीं माता की डोली।
- फोटो : GOPESHWAR
शक्ति सिरोमणि अनसूया माता का दो दिवसीय मेला शुक्रवार को विधि-विधान से शुरू हो गया। विभिन्न गांवों से अनसूया गेट पर पहुंचीं देव डोलियों ने भक्तों को दर्शन दिए। माता की डोलियों के साथ ही संतान कामना लेकर कई दंपती अनसूया माता के दरबार में पहुंचे। अनसूया गेट पर विभिन्न गांवों से पहुंचीं देवी की डोलियों का मिलन देख श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। वहीं सिरोली गांव में पूजा-अर्चना के बाद यहां पहुंचीं देव डोलियों ने अनसूया माता के मंदिर में प्रवेश किया। अनसूया गेट पर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने अनसूया मेले का शुभारंभ किया। विधायक ने कहा कि जल्द ही अनसूया माता का मंदिर सड़क से जुड़ जाएगा। इसके लिए शासन से सड़क की स्वीकृति मिल चुकी है।
शुक्रवार को गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे पर अनसूया गेट पर बणद्वारा गांव की ज्वाला देवी, देवलधार की ज्वाल्पा देवी, खल्ला गांव से अनसूया माता, कठूड़ से मां भगवती और सगर गांव से मां भगवती की डोलियां अपने-अपने क्षेत्र से पहुंचीं। यहां ढोल-दमाऊं की थाप पर देवी की डोलियों ने नृत्य किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। यहां पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां भगवती को शृंगार सामग्री भेंट की। वहीं सिरोली गांव में मां भगवती की पूजा-अर्चना की गई और ग्रामीणों ने सामूहिक अर्घ्य लगाया। इसके बाद करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर माता की डोलियां अनसूया गेट पर पहुंची और इसके बाद सभी डोलियों ने प्राचीन अनसूया मंदिर में प्रवेश किया। माता की डोलियों के साथ कई बरोही (संतान प्राप्ति के लिए पहुंचे दंपती) भी अनसूया माता मंदिर पहुंचे। बरोही अनसूया मंदिर के सभा मंडप में संतान कामना के लिए रातभर तप करेंगे। कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। अनसूया माता मंदिर में श्रद्धालु रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करेंगे। इस मौके पर अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह राणा, ग्राम प्रधान आरती देवी, आशा देवी, सरोजनी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश, राजेंद्र बिष्ट, दिगंबर बिष्ट, सुनील बिष्ट और पूर्व प्रमुख भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
भंडारे का आयोजन किया
संकल्प अभियान के संयोजक मनोज तिवारी व अन्य स्वयं सेवकों ने मंडल बाजार से लेकर आस्था पथ पर श्रद्धालुओं को स्वच्छता और नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया। कई लोगों की ओर से पांच किलोमीटर आस्था पथ पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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शुक्रवार को गोपेश्वर-चोपता-ऊखीमठ हाईवे पर अनसूया गेट पर बणद्वारा गांव की ज्वाला देवी, देवलधार की ज्वाल्पा देवी, खल्ला गांव से अनसूया माता, कठूड़ से मां भगवती और सगर गांव से मां भगवती की डोलियां अपने-अपने क्षेत्र से पहुंचीं। यहां ढोल-दमाऊं की थाप पर देवी की डोलियों ने नृत्य किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। यहां पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां भगवती को शृंगार सामग्री भेंट की। वहीं सिरोली गांव में मां भगवती की पूजा-अर्चना की गई और ग्रामीणों ने सामूहिक अर्घ्य लगाया। इसके बाद करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर माता की डोलियां अनसूया गेट पर पहुंची और इसके बाद सभी डोलियों ने प्राचीन अनसूया मंदिर में प्रवेश किया। माता की डोलियों के साथ कई बरोही (संतान प्राप्ति के लिए पहुंचे दंपती) भी अनसूया माता मंदिर पहुंचे। बरोही अनसूया मंदिर के सभा मंडप में संतान कामना के लिए रातभर तप करेंगे। कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा। अनसूया माता मंदिर में श्रद्धालु रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन करेंगे। इस मौके पर अनसूया मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह राणा, ग्राम प्रधान आरती देवी, आशा देवी, सरोजनी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश, राजेंद्र बिष्ट, दिगंबर बिष्ट, सुनील बिष्ट और पूर्व प्रमुख भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
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भंडारे का आयोजन किया
संकल्प अभियान के संयोजक मनोज तिवारी व अन्य स्वयं सेवकों ने मंडल बाजार से लेकर आस्था पथ पर श्रद्धालुओं को स्वच्छता और नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया। कई लोगों की ओर से पांच किलोमीटर आस्था पथ पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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