{"_id":"68667add7bf70663870e73dd","slug":"tharali-debris-entered-many-houses-people-saved-their-lives-by-running-away-karnpryag-news-c-47-1-sdrn1002-113380-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"थराली : कई मकानों में घुसा मलबा, भागकर बचाई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थराली : कई मकानों में घुसा मलबा, भागकर बचाई जान
Thu, 03 Jul 2025 06:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Thu, 03 Jul 2025 06:13 PM IST
विज्ञापन
फोटो--
टुंडरी क्षेत्र में चार पुलिया, शौचालय, स्नानघर टूटी, पेयजल लाइन बही
संवाद न्यूज ऐंसी
थराली। विकासखंड के चेपड़ो टुंडरी क्षेत्र में हुई भारी बारिश से बरसाती गदेरा उफान पर आ गया और निर्माणाधीन गोठिंडा टुंडी मार्ग का मलबा लोगों के घरों में घुस गया। लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबे से पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहींं लोकजात यात्रा की पुलिया सहित चार अन्य पुलिया भी बह गईं। मौके पर प्रशासन की टीम राहत बचाव के लिए पहुंची।
बुधवार रात को हुई भारी बारिश से गदेरा उफान पर आ गया और पृथ्वी सिंह, सिताब सिंह, सुजान सिंह, मोहन सिंह, केदार सिंह, हरपाल सिंह के मकान में घुस गया। इसके साथ ही मलबा थराली-देवाल मार्ग से होते हुए चेपड़ो बाजार, शहीद स्मारक के पास तक पहुंच गया। मलबे से कई चौक भी क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं नरेंद्र सिंह और पान सिंह का रसोईघर, बाथरूम और मकान का पुश्ता टूट गया। गांव में महिलाओं के लिए बनाए गए सामूहिक शौचालय और स्नानघर भी क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि गांव के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई जल जीवन मिशन, खेत, संपर्क मार्ग बह गए। थराली के उप जिलाधिकारी पंकज भट्ट ने बताया कि राहत एवं बचाव टीम को भेज दिया है। आपदा प्रभावितों की हरसंभव सहायता की जाएगी।
फोटो
खेती-रंडोली सड़क की कटिंग से गांव को खतरा
आदिबदरी। दो किमी खेती-रंडोली मार्ग के निर्माण के लिए इन दिनों कटिंग की जा रही है। मगर मार्ग की कटिंग का मलबा बारिश होने पर लगातार गदेरे के पानी में बहकर नैनीताल हाईवे पर आ जा रहा है जिस कारण हाईवे बाधित हो रहा है। वहीं रंडोली गांव के ठीक नीचे सड़क कटिंग होने से गांव के साथ ही 12 से अधिक गोशालाओं को खतरा हो गया है। ग्रामीण धर्म सिंह, राजेश्वरी देवी, बलवंत सिंह, पदम सिंह, महेंद्र सिंह, बादर सिंह आदि ने बताया कि गांव के नीचे खेतों पर दरारें पड़ गई हैं। बारिश हुई तो कभी भी खेत धंसने से गोशालाएं टूट जाएंगी। लोक निर्माण विभाग गैरसैंण डिवीजन के अधिशासी अभियंता जेपी थपलियाल ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
गौचर के दो वार्डों में जलभराव की समस्या
गौचर। भारी बारिश के कारण वार्ड चार, वार्ड छह और मुख्य बाजार में जल भराव हो गया। स्थानीय लोगों ने पालिका और प्रशासन से जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। बारिश के कारण हवाई पट्टी की ओर से आने वाले पानी से वार्ड छह और वार्ड चार के मोहल्लों में लगातार जल भराव की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेला मैदान का पानी एनएच पर आने से व्यापारियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जनकल्याण लोक सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, हर्षपति मैठाणी, इंदू सेमवाल, नंदन सिंह चौधरी, खुशाल सिंह नेगी, सतीश शैली आदि ने नगर पालिका, एनएच और प्रशासन से वार्डों और बाजार में हो रहे जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। संवाद
देवग्राम में 60 परिवार खतरे की जद में, 10 परिवार छोड़ चुके मकान
ज्योतिर्मठ। विकासखंड के देवग्राम में करीब 60 परिवार खतरे की जद में हैं। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए मकानों को छोड़कर यहां के 10 परिवार सुरक्षित जगहों पर जा चुके हैं। बुधवार रात को गांव का एक मकान धराशाही हो गया। हालांकि परिवार के लोग इसे पहले ही खाली कर चुके थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गांव के विस्थापन की मांग उठाई है
उर्गम घाटी के देवग्राम गांव के मल्लाखोला, भल्ला खोला, गिरा, बासा व महल तोक में 2013 की आपदा में भूस्खलन शुरू हुआ था। यहां रहने वाले 60 घरों में दरारें पड़ी हुई हैं। निवर्तमान ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 10 परिवार जर्जर हो चुके घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि बीती रावत देवेंद्र सिंह का घर ध्वस्त हो गया है। वहीं एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पूर्व में यहां भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया गया था जिसमें 17 परिवारों को चिह्नित किया गया था। इनके विस्थापन के लिए जमीन का सर्वे किया जा रहा है, जल्दी इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
टुंडरी क्षेत्र में चार पुलिया, शौचालय, स्नानघर टूटी, पेयजल लाइन बही
संवाद न्यूज ऐंसी
थराली। विकासखंड के चेपड़ो टुंडरी क्षेत्र में हुई भारी बारिश से बरसाती गदेरा उफान पर आ गया और निर्माणाधीन गोठिंडा टुंडी मार्ग का मलबा लोगों के घरों में घुस गया। लोगों ने भागकर जान बचाई। मलबे से पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहींं लोकजात यात्रा की पुलिया सहित चार अन्य पुलिया भी बह गईं। मौके पर प्रशासन की टीम राहत बचाव के लिए पहुंची।
बुधवार रात को हुई भारी बारिश से गदेरा उफान पर आ गया और पृथ्वी सिंह, सिताब सिंह, सुजान सिंह, मोहन सिंह, केदार सिंह, हरपाल सिंह के मकान में घुस गया। इसके साथ ही मलबा थराली-देवाल मार्ग से होते हुए चेपड़ो बाजार, शहीद स्मारक के पास तक पहुंच गया। मलबे से कई चौक भी क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं नरेंद्र सिंह और पान सिंह का रसोईघर, बाथरूम और मकान का पुश्ता टूट गया। गांव में महिलाओं के लिए बनाए गए सामूहिक शौचालय और स्नानघर भी क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि गांव के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई जल जीवन मिशन, खेत, संपर्क मार्ग बह गए। थराली के उप जिलाधिकारी पंकज भट्ट ने बताया कि राहत एवं बचाव टीम को भेज दिया है। आपदा प्रभावितों की हरसंभव सहायता की जाएगी।
विज्ञापन
फोटो
खेती-रंडोली सड़क की कटिंग से गांव को खतरा
आदिबदरी। दो किमी खेती-रंडोली मार्ग के निर्माण के लिए इन दिनों कटिंग की जा रही है। मगर मार्ग की कटिंग का मलबा बारिश होने पर लगातार गदेरे के पानी में बहकर नैनीताल हाईवे पर आ जा रहा है जिस कारण हाईवे बाधित हो रहा है। वहीं रंडोली गांव के ठीक नीचे सड़क कटिंग होने से गांव के साथ ही 12 से अधिक गोशालाओं को खतरा हो गया है। ग्रामीण धर्म सिंह, राजेश्वरी देवी, बलवंत सिंह, पदम सिंह, महेंद्र सिंह, बादर सिंह आदि ने बताया कि गांव के नीचे खेतों पर दरारें पड़ गई हैं। बारिश हुई तो कभी भी खेत धंसने से गोशालाएं टूट जाएंगी। लोक निर्माण विभाग गैरसैंण डिवीजन के अधिशासी अभियंता जेपी थपलियाल ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। संवाद
विज्ञापन
गौचर के दो वार्डों में जलभराव की समस्या
गौचर। भारी बारिश के कारण वार्ड चार, वार्ड छह और मुख्य बाजार में जल भराव हो गया। स्थानीय लोगों ने पालिका और प्रशासन से जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। बारिश के कारण हवाई पट्टी की ओर से आने वाले पानी से वार्ड छह और वार्ड चार के मोहल्लों में लगातार जल भराव की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा मेला मैदान का पानी एनएच पर आने से व्यापारियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। जनकल्याण लोक सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, हर्षपति मैठाणी, इंदू सेमवाल, नंदन सिंह चौधरी, खुशाल सिंह नेगी, सतीश शैली आदि ने नगर पालिका, एनएच और प्रशासन से वार्डों और बाजार में हो रहे जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। संवाद
देवग्राम में 60 परिवार खतरे की जद में, 10 परिवार छोड़ चुके मकान
ज्योतिर्मठ। विकासखंड के देवग्राम में करीब 60 परिवार खतरे की जद में हैं। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए मकानों को छोड़कर यहां के 10 परिवार सुरक्षित जगहों पर जा चुके हैं। बुधवार रात को गांव का एक मकान धराशाही हो गया। हालांकि परिवार के लोग इसे पहले ही खाली कर चुके थे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गांव के विस्थापन की मांग उठाई है
उर्गम घाटी के देवग्राम गांव के मल्लाखोला, भल्ला खोला, गिरा, बासा व महल तोक में 2013 की आपदा में भूस्खलन शुरू हुआ था। यहां रहने वाले 60 घरों में दरारें पड़ी हुई हैं। निवर्तमान ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 10 परिवार जर्जर हो चुके घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। कई बार शासन-प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि बीती रावत देवेंद्र सिंह का घर ध्वस्त हो गया है। वहीं एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पूर्व में यहां भू-गर्भीय सर्वेक्षण किया गया था जिसमें 17 परिवारों को चिह्नित किया गया था। इनके विस्थापन के लिए जमीन का सर्वे किया जा रहा है, जल्दी इसकी रिपोर्ट मिल जाएगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।