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भारी बारिश से बही अस्थायी पुलिया
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भारी बारिश से निजमूला घाटी के पाणा और ईराणी गांवों के पैदल रास्ते रपटीले हो गए हैं जबकि वीर गंगा पर बनी अस्थायी पुलिया भी बह गया है। पुल बह जाने से ग्रामीण सूखे पेड़ से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
जिले के सबसे दूरस्थ पाणा और ईराणी गांव अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है, जिससे ग्रामीण करीब पंद्रह किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर गंतव्य को जाते हैं। इन दिनों पैदल रास्ता कई जगहों पर खतरनाक बना हुआ है। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी, झींझी गांव निवासी राजे सिंह और दिनेश सिंह नेगी का कहना है कि पैदल रास्ते के रख-रखाव का जिम्मा वन विभाग के पास है, लेकिन विभाग की ओर से रास्ते की कोई देखरेख नहीं की जा रही है। अब वीर गंगा पर बनी अस्थायी पुलिया बह जाने से खतरे के साए में आवाजाही हो रही है। वहीं केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर का कहना है कि शीघ्र विभागीय कर्मचारियों को रास्ते की मौजूदा स्थिति के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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जिले के सबसे दूरस्थ पाणा और ईराणी गांव अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ा है, जिससे ग्रामीण करीब पंद्रह किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर गंतव्य को जाते हैं। इन दिनों पैदल रास्ता कई जगहों पर खतरनाक बना हुआ है। ईराणी गांव के ग्राम प्रधान मोहन सिंह नेगी, झींझी गांव निवासी राजे सिंह और दिनेश सिंह नेगी का कहना है कि पैदल रास्ते के रख-रखाव का जिम्मा वन विभाग के पास है, लेकिन विभाग की ओर से रास्ते की कोई देखरेख नहीं की जा रही है। अब वीर गंगा पर बनी अस्थायी पुलिया बह जाने से खतरे के साए में आवाजाही हो रही है। वहीं केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर का कहना है कि शीघ्र विभागीय कर्मचारियों को रास्ते की मौजूदा स्थिति के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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