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... तो नहीं देंगे पानी का बिल
ब्यूरो/अमर उजाला गोपेश्वर
Updated Sat, 18 Jun 2016 09:03 PM IST
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नगर में हो रही दूषित पानी की सप्लाई से गुस्साए लोगों ने अब जल संस्थान को पानी के बिलों का भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को जिला योजना समिति के सदस्यों ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी से भी वार्ता कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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कहा कि विभाग की ओर से अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। कहा गया कि जल निगम और जल संस्थान के बीच सामंजस्य नहीं होने का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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जिला योजना समिति के सदस्य नवल भट्ट, मनोज भंडारी, भागीरथी कुंजवाल, देवेंद्र सिंह नेगी, सतेंद्र असवाल और सुनील चौहान का कहना है कि जल संस्थान की ओर से प्रतिमाह हजारों के बिल वसूले जाते हैं। बावजूद इसके पेयजल सप्लाई में कोताही बरती जा रही है।
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वर्ष 2013 में अमृत गंगा पेयजल योजना का निर्माण हो गया था, लेकिन योजना के मूल स्रोत पर फिल्टर टैंक की व्यवस्था नहीं की गई है। तब से लोगों को दूषित पानी पिलाया जा रहा है। इधर, पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता आरसी मिश्रा का कहना है कि पेयजल लाइन पर स्टोर टैंक का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। फिल्टर टैंक निर्माण के लिए विभाग की ओर से शासन को दो करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, वित्तीय स्वीकृति मिलते ही फिल्टर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
कई मोहल्लों में तीसरे दिन भी नहीं हुई सप्लाई
शनिवार को तीसरे दिन भी गोपेश्वर नगर के कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति ठप रही। इंदिरा मार्केट में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से लोगों को करीब दो किमी दूर प्राकृतिक जल स्रोत से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पूर्व प्रधान यशवंत बर्त्वाल और पूर्व सैनिक बुद्धि बल्लभ त्रिपाठी का कहना है कि जल संस्थान की ओर से नगर में पेयजल की सुचारु व्यवस्था नहीं की जा रही है। लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।