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Chamoli News: अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, रेफर हो रहे मरीज
Fri, 07 Feb 2025 04:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 07 Feb 2025 04:26 PM IST
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फोटो
जिला अस्पताल गोपेश्वर में 32 पदों में से 15 ही है डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। जिला अस्पताल गोपेश्वर में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी बनी हुई है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग यहां इलाज के लिए तो पहुंच रहे हैं लेकिन डॉक्टर के अभाव में उन्हें रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर के सृजित 32 पदों में से 15 पर ही डॉक्टर की तैनाती है। इस अस्पताल पर पांच से अधिक क्षेत्र के मरीज निर्भर हैं।
अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, कॉर्डियोलॉजिस्ट, फिजीशियन, निश्चेतक सहित कई पद वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल के आठ डॉक्टर पीजी की पढ़ाई के लिए गए हैं। नेत्र सर्जन डॉ. स्वाति शर्मा बीते 16 दिसंबर को एक माह के अवकाश पर गईं थीं लेकिन अभी तक नहीं लौटीं। वहीं पांच डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित हैं। डुमक गांव के प्रेम सिंह सनवाल ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने की मांग की। कहा कि यहां जो भी डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं उन्हें भी शिविरों में भेज दिया जाता है। नंदप्रयाग के महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इस अस्पताल पर ज्योतिर्मठ, पीपलकोटी, निजमुला व उर्गम घाटी के साथ ही नंदानगर क्षेत्र के लोग निर्भर रहते हैं। सरकार को अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती करनी चाहिए।
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जिला अस्पताल गोपेश्वर में 32 पदों में से 15 ही है डॉक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। जिला अस्पताल गोपेश्वर में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी बनी हुई है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग यहां इलाज के लिए तो पहुंच रहे हैं लेकिन डॉक्टर के अभाव में उन्हें रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टर के सृजित 32 पदों में से 15 पर ही डॉक्टर की तैनाती है। इस अस्पताल पर पांच से अधिक क्षेत्र के मरीज निर्भर हैं।
अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग, कॉर्डियोलॉजिस्ट, फिजीशियन, निश्चेतक सहित कई पद वर्षों से रिक्त चल रहे हैं। अस्पताल के आठ डॉक्टर पीजी की पढ़ाई के लिए गए हैं। नेत्र सर्जन डॉ. स्वाति शर्मा बीते 16 दिसंबर को एक माह के अवकाश पर गईं थीं लेकिन अभी तक नहीं लौटीं। वहीं पांच डॉक्टर लंबे समय से अनुपस्थित हैं। डुमक गांव के प्रेम सिंह सनवाल ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने की मांग की। कहा कि यहां जो भी डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं उन्हें भी शिविरों में भेज दिया जाता है। नंदप्रयाग के महेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। इस अस्पताल पर ज्योतिर्मठ, पीपलकोटी, निजमुला व उर्गम घाटी के साथ ही नंदानगर क्षेत्र के लोग निर्भर रहते हैं। सरकार को अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती करनी चाहिए।
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