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बोरियों और कंधों पर लादकर सड़क तक लाए घायलों को

Wed, 26 Oct 2016 10:15 PM IST
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी/ अमर उजाला, कर्णप्रयाग
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी/ अमर उजाला, कर्णप्रयाग Updated Wed, 26 Oct 2016 10:15 PM IST
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 Sacks and loaded on the shoulders of the injured were transported to the street.
कर्णप्रयाग के चुलाकोट में हुए कार हादसे में हुए घायलों को रेफर सेंटर ले जाते हुए लोग। - फोटो : amar ujala.

बैनीताल रोड पर बुधवार को हुई कार दुर्घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले ही ग्रामीण खाई में उतर चुके थे। ग्रामीण ही मृतकों और घायलों को खाई से लेकर सड़क तक आए। इसके बाद पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं कर्णप्रयाग में सेवा दे रही 108 एंबुलेंस भी कई दिनों से खराब है, जिससे अन्यत्र एंबुलेंस मंगाई गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई।

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स्वर्का के  मोहन लाल, धारकोट के प्रधान राजीव खंडूड़ी, पूर्व प्रधान विजय खंडूड़ी और विपिन चंद्र आदि ने बताया कि कार चूलाकोट की खड़ी चट्टान से खाई में जा गिरी। इस पर स्वर्का, रतूड़ा, खंडूड़ा आदि गांवों के 50 से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पहले दरांतियों से झाड़ी कटान किया गया, जिसके बाद लोगों को खोजा गया।
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घायलों को बोरियों और कंधों पर लादकर सड़क तक लाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि कर्णप्रयाग तहसील मुुख्यालय पर तैनात 108 एंबुलेंस भी कई दिन से खराब है। एंबुलेंस के टायर घिस गए हैं। जब दुर्घटना घटी तो कर्णप्रयाग की एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
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सूचना पर आदिबदरी और नारायणबगड़ की एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची, जिस कारण घायलों को अस्पताल पहुंचने पर देरी हुई। लोगों ने एंबुलेंसों का संचालन कर रही कंपनी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जल्द सेवाएं दुरुस्त करने की मांग की।

घर का इकलौता बेटा था सचिन
कर्णप्रयाग। हादसे में मृतक दिलीप बकरी पालन का व्यवसाय करता था, लेकिन उसे कार चलाने का इतना शौक था कि वह डेढ़ माह में ही सेकंड हैंड कार लेकर सड़क पर चलाने लगा। दुर्घटना में जहां दिलीप की मौत हो गई वहीं दिलीप के परिवार का ही युवक सचिन की भी अकाल मौत हो गई।


सचिन सते सिंह का इकलौता बेटा था। ग्रामीणों ने बताया कि सचिन धारकोट के सते सिंह का इकलौता बेटा था। बीए की पढ़ाई पूरी कर चुके सचिन पर छोटी बहिन के साथ माता पिता की जिम्मेदारी भी थी। यही नहीं दुर्घटना में मृतक दिलीप का भाई कुंवर सिंह भी घायल हुआ, जबकि मृतक युवती अंजू की मां आशा देवी भी घायल हैं।

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