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घिंघराण में बना आरसीसी पुल टूटा, 50 से अधिक सड़कें बंद
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नंदानगर क्षेत्र में शुक्रवार रात को हुई भारी बारिश से चुफला नदी पर ग्राम पंचायत लांखी के घिंघराण में बना पैदल पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही के लिए चार किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके अलावा चमोली जनपद की 50 से अधिक सड़कें जगह-जगह बंद पड़ी हैं।
घिंघराण में चुफला नदी पर बना पैदल पुल दो साल पहले बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीण पुल पर बल्लियां लगाकर आवाजाही कर रहे थे। शुक्रवार रात को क्षेत्र में भारी बारिश होने से चुफला नदी उफान पर आ गई, जिससे नदी पर बना घिंघराण-लाखी पैदल पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस पुल से घिंघराण, जिमिटा, जलेधुग, जुगानी, घटवाल पानी गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। ग्रामीण जिला पंचायत और प्रशासन से लंबे समय से पुल की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन प्रशासन ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते अब लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें चार किलोमीटर दूर गरणी और सेंतीबगड़ में बने पुल से आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, इन गांवों के बच्चे प्राथमिक विद्यालय इनोलीधार और राजकीय इंटर कॉलेज बांजबगड़ पढ़ने जाते हैं। यदि जल्द पुल का निर्माण नहीं हुआ तो इन बच्चों को भी अब अतिरिक्त दूरी तय कर विद्यालय जाना होगा। चुफला गाड़ के कटाव से दलवीर सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट और राम सिंह के आवासीय मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। मकानों के आगे सुरक्षा दीवार टूट जाने से घरों को खतरा बना है।
इसके अलावा जिले की 50 से अधिक सड़कें जगह-जगह पर बंद पड़ी हैं। नंदानगर-सुतोल सड़क पल्टिंगधार से पंजा चौक तक करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे पेरी, पल्टिंगधार और सुतोल गांव में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। कुंडी धुर्मा-मोख सड़क भी लगभग चार किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह टूट गई है। नंदानगर-भेंटी सड़क दो दिनों से बंद है। कोप्टरा-लांखी और लुतरा-खुनाणा मोटर मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। नंदानगर-उस्तोली सड़क 30 जून से बंद पड़ी हुई है। इससे दर्जनों गांवों के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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घिंघराण में चुफला नदी पर बना पैदल पुल दो साल पहले बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया था। ग्रामीण पुल पर बल्लियां लगाकर आवाजाही कर रहे थे। शुक्रवार रात को क्षेत्र में भारी बारिश होने से चुफला नदी उफान पर आ गई, जिससे नदी पर बना घिंघराण-लाखी पैदल पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। इस पुल से घिंघराण, जिमिटा, जलेधुग, जुगानी, घटवाल पानी गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। ग्रामीण जिला पंचायत और प्रशासन से लंबे समय से पुल की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन शासन प्रशासन ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते अब लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें चार किलोमीटर दूर गरणी और सेंतीबगड़ में बने पुल से आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, इन गांवों के बच्चे प्राथमिक विद्यालय इनोलीधार और राजकीय इंटर कॉलेज बांजबगड़ पढ़ने जाते हैं। यदि जल्द पुल का निर्माण नहीं हुआ तो इन बच्चों को भी अब अतिरिक्त दूरी तय कर विद्यालय जाना होगा। चुफला गाड़ के कटाव से दलवीर सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह बिष्ट और राम सिंह के आवासीय मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। मकानों के आगे सुरक्षा दीवार टूट जाने से घरों को खतरा बना है।
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इसके अलावा जिले की 50 से अधिक सड़कें जगह-जगह पर बंद पड़ी हैं। नंदानगर-सुतोल सड़क पल्टिंगधार से पंजा चौक तक करीब पांच किलोमीटर के हिस्से में जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे पेरी, पल्टिंगधार और सुतोल गांव में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। कुंडी धुर्मा-मोख सड़क भी लगभग चार किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह टूट गई है। नंदानगर-भेंटी सड़क दो दिनों से बंद है। कोप्टरा-लांखी और लुतरा-खुनाणा मोटर मार्ग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। नंदानगर-उस्तोली सड़क 30 जून से बंद पड़ी हुई है। इससे दर्जनों गांवों के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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