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एक साल में उखड़ा सड़कों का डामर
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली
Updated Tue, 29 Mar 2016 09:22 PM IST
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पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क) योजना के तहत तहसील थराली में बने छह से अधिक मोटर मार्गों का डामर एक साल से कम समय में ही उखड़ चुका है। लोगों ने संबंधित निर्माणदायी संस्थाओं के खिलाफ कई बार निमभन गुणवत्ता के काम का आरोप लगाते हुए जांच और सड़क सुधार की मांग की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं आ पाई है।
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पार्था के प्रधान भोला राम, रूईसाण के प्रधान सुदर्शन सिंह, नारायबगड़ के दलबीर सिंह आदि का कहना है कि तहसील के 25 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले देवाल-खेता, नन्दकेशरी-जौला, थराली-कुराड़-पार्था, नारायणबगड़-भगोती-कौब, देवाल-घेस सहित छह से अधिक मोटर मार्गों पर विभाग ने करोड़ों की लागत से डामर बिछाया था।
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अब स्थिति यह है कि डामर उखड़ने से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं, जिससे सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना बनी है। कहा कि सड़क निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिशासी अभियंता बीएस रावत का कहना है कि कंस्ट्रक्शन कंपनियों को पांच साल के लिए अनुरक्षण का कार्य दिया गया है।
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यदि कहीं भी डामर उखड़ता है या मार्ग क्षतिग्रस्त होता है तो सड़क सुधारीकरण की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होती है। सभी सड़कों की जांच कर निर्माणदायी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।