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ढोल-दमाऊं के साथ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
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अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षकों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन भी भेजा। गोपेश्वर में उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े जिले के शिक्षकों ने ढोल-दमाऊं के साथ कलक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।
शनिवार को जिले में संचालित 536 प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक जिला मुख्यालय में एकत्रित हुए। संगम बाजार से रुद्रा कांपलेक्स तक लगभग एक हजार शिक्षकों ने नारेबाजी के साथ पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2005 के बाद से तैनात शिक्षकों को पेंशन सुविधा से वंचित किया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद इन शिक्षकों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो जाएगी। इसलिए इन्हें भी पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने वेतन विसंगतियों को दूर करने को लेकर भी देशभर में विभिन्न चरणों में आंदोलन करने की बात कही। कहा गया कि आंदोलन सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह झिक्वांण के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में प्रांतीय उप महामंत्री बीरेंद्र सिंह कठैत, दिनेश रौथाण, वंशीधर गौड़, सतीश नौटियाल, अनुज नेगी, प्रकाश सिंह रौथाण, बसंत सिंह रौथाण, लक्ष्मी बुटोला, लक्ष्मी शाह, गोविंद रमोला, हरीश गिरी और महावीर चौधरी और श्याम लाल भारती आदि मौजूद थे।
गोपेश्वर में शिक्षकों ने मुख्य नगर से लेकर मंदिर मार्ग और कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर मांग का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा। धरना स्थल पर आयोजित सभा में संघ के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर संघ के जिलामंत्री मुकेश सिंह नेगी, महिपाल सिंह चौहान, सुभाष खंडूरी सहित कई शिक्षक मौजूद थे।
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शनिवार को जिले में संचालित 536 प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक जिला मुख्यालय में एकत्रित हुए। संगम बाजार से रुद्रा कांपलेक्स तक लगभग एक हजार शिक्षकों ने नारेबाजी के साथ पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2005 के बाद से तैनात शिक्षकों को पेंशन सुविधा से वंचित किया गया है। सेवानिवृत्ति के बाद इन शिक्षकों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो जाएगी। इसलिए इन्हें भी पुरानी पेंशन योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने वेतन विसंगतियों को दूर करने को लेकर भी देशभर में विभिन्न चरणों में आंदोलन करने की बात कही। कहा गया कि आंदोलन सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह झिक्वांण के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में प्रांतीय उप महामंत्री बीरेंद्र सिंह कठैत, दिनेश रौथाण, वंशीधर गौड़, सतीश नौटियाल, अनुज नेगी, प्रकाश सिंह रौथाण, बसंत सिंह रौथाण, लक्ष्मी बुटोला, लक्ष्मी शाह, गोविंद रमोला, हरीश गिरी और महावीर चौधरी और श्याम लाल भारती आदि मौजूद थे।
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गोपेश्वर में शिक्षकों ने मुख्य नगर से लेकर मंदिर मार्ग और कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना देकर मांग का ज्ञापन डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजा। धरना स्थल पर आयोजित सभा में संघ के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी ने कहा कि सरकार की ओर से शिक्षकों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। इस मौके पर संघ के जिलामंत्री मुकेश सिंह नेगी, महिपाल सिंह चौहान, सुभाष खंडूरी सहित कई शिक्षक मौजूद थे।
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