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चमोली में फसलों को सिर्फ 15 फीसदी नुकसान

Fri, 08 May 2020 10:06 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2020 10:06 PM IST
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Only 15 percent damage to crops in Chamoli
चमोली जिले में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को मात्र 15 फीसदी नुकसान हुआ है। यह बात राजस्व विभाग के निरीक्षण में सामने आई है। सरकार का नियम है कि 33 फीसदी से अधिक का नुकसान होने पर ही मुआवजा दिया जाता है, ऐसी स्थिति में काश्तकारों की मुआवजा मिलने की आस भी पूरी होती नहीं दिख रही है।
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बारिश और बर्फबारी से सबसे अधिक पोखरी ब्लाक प्रभावित हुआ है। खदेड़ पट्टी के एक दर्जन, हापला घाटी के 10 गांवों के अलावा रौता, पोगठा, गोदी गिवाला, चौंडी, सिमलासू सहित कई अन्य गांवों में गेहूं, जौ, सरसों व साग-सब्जी की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। तहसील प्रशासन की ओर से किए गए सर्वे में जिले में मात्र 15 फीसदी तक ही फसलों को नुकसान पहुंचा है। काश्तकार सोहन सिंह, ललित मोहन और माहेश्वरी देवी का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल और आलू की पैदावार बर्बाद हो गई और विभाग इसे कम आंक रहा है। चमोली के मुख्य कृषि अधिकारी रामकुमार दोहरे ने का कहना है कि राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को 12 से 15 फीसदी तक नुकसान हुआ है। काश्तकारों को सलाह दी जाती है कि उनको अपनी फसलों का बीमा कराना चाहिए, ताकि आपदा से हुए नुकसान का उन्हें बीमा मिल सके।
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मुआवजे के लिए किसानों को करना होगा इंतजार
नई टिहरी। बेमौसम बारिश ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए किसानों को अभी लंबा इंतजार करना होगा। अभी राजस्व विभाग फसलों और सब्जियों को हुए नुकसान का सर्वे पूरा नहीं कर पाया है। उद्यान और कृषि विभाग की प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में बारिश ओलावृष्टि से जिले में गेहूं, जौ की फसल, सेब, नाशपती, आडू, पुलम, आलू, मटर, शिमला मिर्च और फ्रांसबीन को 25 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है। डीएम डा. वी षणमुगम ने सभी एसडीएम से राजस्व निरीक्षक/उप निरीक्षकों से जल्द फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट देने को पत्र भेजा है। वहीं जिला उद्यान अधिकारी डा. डीके तिवारी ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन के तहत शासन की ओर से असिंचित भूमि पर 13 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित भूमि पर 18 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने का प्राविधान है। फसल, सब्जी और फलों को हुए नुकसान का मुआवजा तभी भुगतान किया जाएगा जब राजस्व विभाग फाइनल रिपोर्ट दे देगा।
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