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पांडुकेश्वर से अब नौ लोगों को बदरीनाथ जाने की मिली अनुमति
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विरोध के बाद जोशीमठ तहसील प्रशासन ने पांडुकेश्वर गांव के पांच अन्य ग्रामीणों को भी बदरीनाथ धाम जाने की अनुमति दे दी।
प्रशासन ने बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन पर पांडुकेश्वर से चार लोगों को ही धाम जाने की अनुमति दी थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों ने कहा था कि हक-हकूकधारियों को ही धाम जाने से रोका जा रहा है। बदरीनाथ के कम्दी थोक के अध्यक्ष जगदीश पंवार ने कहा कि धाम का गर्भग्रह, भोग मंडी और भंडार ग्रह उनके अधीन हैं। साथ ही कुबेर जी और उद्धव जी की पालकी के साथ नौ लोग कपाट खोलने के मौके पर बदरीनाथ जाते हैं, लेकिन इस बार सिर्फ चार लोगों को ही अनुमति दी गई है, जो गलत है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि अन्य पांच ग्रामीणों को भी बदरीनाथ जाने की अनुमति दे दी गई है। अब पांडुकेश्वर से नौ लोग बदरीनाथ धाम जाएंगे।
बदरीनाथ के जयकारों में सामाजिक दूरी भूले भक्त
जोशीमठ। नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी की रवानगी के दौरान सामाजिक दूरी का कोई पालन नहीं किया गया। मंदिर से जुड़े पुजारी व स्थानीय भक्तगण सामाजिक दूरी भूलकर भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाते रहे। उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल ने बताया कि चुनिंदा लोगों को ही मंदिर परिसर में आने की अनुमति दी गई थी। सभी को सामाजिक दूरी बनाने और मास्क पहनने की हिदायत दी गई।
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प्रशासन ने बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन पर पांडुकेश्वर से चार लोगों को ही धाम जाने की अनुमति दी थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों ने कहा था कि हक-हकूकधारियों को ही धाम जाने से रोका जा रहा है। बदरीनाथ के कम्दी थोक के अध्यक्ष जगदीश पंवार ने कहा कि धाम का गर्भग्रह, भोग मंडी और भंडार ग्रह उनके अधीन हैं। साथ ही कुबेर जी और उद्धव जी की पालकी के साथ नौ लोग कपाट खोलने के मौके पर बदरीनाथ जाते हैं, लेकिन इस बार सिर्फ चार लोगों को ही अनुमति दी गई है, जो गलत है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि अन्य पांच ग्रामीणों को भी बदरीनाथ जाने की अनुमति दे दी गई है। अब पांडुकेश्वर से नौ लोग बदरीनाथ धाम जाएंगे।
बदरीनाथ के जयकारों में सामाजिक दूरी भूले भक्त
जोशीमठ। नृसिंह मंदिर में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी की रवानगी के दौरान सामाजिक दूरी का कोई पालन नहीं किया गया। मंदिर से जुड़े पुजारी व स्थानीय भक्तगण सामाजिक दूरी भूलकर भगवान बदरीनाथ के जयकारे लगाते रहे। उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल ने बताया कि चुनिंदा लोगों को ही मंदिर परिसर में आने की अनुमति दी गई थी। सभी को सामाजिक दूरी बनाने और मास्क पहनने की हिदायत दी गई।
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