जोशीमठ। संतानदायिनी माता अनसूया की दिवारा यात्रा मंगलवार को वृद्ध बदरी भगवान के दर्शन कर रात्रि प्रवास के लिए पैनी गांव पहुंची। ग्रामीणों ने माता अनसूया के दर्शन कर फूल-मालाओं से स्वागत किया।
माता अनसूया की दिवारा यात्रा का आयोजन 45 साल बाद हो रहा है, जिससे लोगों में अपनी आराध्य देवी से मिलने के लिए उत्साह बना हुआ है। मंगलवार को पैनी गांव में माता अनसूया अपनी ध्याण सुनीता देवी के यहां पहुंचीं। गांव की ध्याणियों ने मांगल गीत गाकर माता अनसूया का आह्वान किया और माता को शृंगार सामग्री भेंट की। दिवारा यात्रा के मुख्य पुजारी डा. प्रदीप सेमवाल ने सिंहधार में माता अनसूया का शृंगार किया और पूजा की। सुबह दस बजे माता अनसूया का भोग लगाया गया। इसके बाद माता की डोली ने घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछी। पैनी गांव के भ्रमण के बाद माता अनसूया बुधवार को पीपलकोटी क्षेत्र में प्रवेश करेंगी। माता अनसूया दिवारा भ्रमण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के आराध्य देवताओं के मंदिरों के दर्शनों को भी पहुंच रही हैं। इस मौके पर उमाशंकर, दुर्गा प्रसाद सेमवाल, लक्ष्मी प्रसाद, देवेंद्र नेगी, जयकृष्ण मैठाणी, वीरेंद्र, अंकित बिष्ट, अजय, मदन सेमवाल, रविंद्र नेगी, राकेश पंत, सतीश, मथुरा प्रसाद, अरविंद, विक्की, बबलू सती और आशा देवी आदि मौजूद थे।